मानसून की सुस्त रफ्तार ने बढ़ाई किसानों की चिंता

कोरबा, छत्तीसगढ़/नगर संवाददाताः कोरबा जिले में इस बार अच्छे मानसून की आस लगाया बैठे किसानों की कम बारिश ने चिंता बढ़ा दी है. आकंड़ोंं के अनुसार पिछले साल के मुकाबले शुरुआती एक माह में 160 एमएम बारिश कम हुई है. मानसून लेट होने और फिर अल्प वर्षा से खेती पिछड़ गई है. मानसून के शुरुआती तेवर को देखते हुए किसानों के चेहरे खिल गए थे, लेकिन एक दो दिन बारिश होने बाद मौसम ने तेवर बदला और एकाएक बारिश बंद हो गई. बारिश के बंद होने से किसानों के माथे पर पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं. खण्ड वर्षा होने से कृषि कार्य पिछड़ता जा रहा है. मानसून पर निर्भर किसानों को पिछले साल की तरह सूखे की आशंका सता रही है. जिन किसानों के पास सिंचाई की सुविधा नहीं है, वे अब आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं. खेतों में मेहनत कर पसीना बहाने वाले किसान मौसम के बदलाव के साथ अल्प वर्षा, समय पर खाद और बीज नहीं मिलने से परेशान हैं. किसान अब अंकुरित बीज लगाने को मजबूर हैं. किसानों का मानना है की हरियाली पर्व के पहले रोपा हो जाए तो फसल अच्छी होती है.

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