स्मृति ईरानी मंत्रालय बदलने से नहीं हैं खुश

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः देश की शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी अपने हाथों से फिसल जाने से स्मृति ईरानी खुश नहीं हैं। वह अटकलों का भले ही यह कहकर मजाक उड़ा दें कि ‘कुछ तो लोग कहेंगे’, लेकिन पूर्व मानव संसाधन मंत्री गुरुवार को आधिकारिक रूप से कार्यभार सौंपने दफ्तर में नहीं आईं, जबकि उनके उत्तराधिकारी प्रकाश जावेड़कर ने उन्हें दो बार फोन कर बुलाया था। स्मृति ईरानी को मंगलवार के मंत्रिमंडल फेरबदल में एक कम महत्व वाला कपड़ा मंत्रालय देकर किनारे कर दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि मानव संसाधन मंत्रालय छिन जाने से वह नाखुश हैं। गुरुवार को स्मृति ईरानी दिल्ली में होने के बावजूद नए मानव संसाधन विकास मंत्री बने प्रकाश जावेड़कर को शास्त्री भवन में कार्यभार सौंपने नहीं आईं, जबकि उनको आधिकारिक रूप से बुलावा भेजा गया था। पारंपरिक रूप से मंत्रालय से जानेवाला मंत्री आनेवाले मंत्री को एक आधिकारिक कार्यक्रम में खुद उपस्थित होकर कार्यभार सौंपता है। इस परंपरा को देखते हुए जावेड़कर ने पर्यावरण मंत्रालय का कार्यभार नए बने मंत्री अनिल माधव दवे को बुधवार को सौंपा, जबकि उसी दिन स्मृति ने कपड़ा मंत्रालय का कार्यभार संभाला। जावेड़कर ने मानव संसाधन मंत्रालय का कार्यभार गुरुवार को लेने का फैसला किया। उन्हें उम्मीद थी कि स्मृति ईरानी उन्हें कार्यभार सौंपने जरूर आएंगी, लेकिन जावेड़कर राह देखते रह गए। वह अंतिम समय तक इंतजार करते रहे। एक सूत्र ने आईएएनएस को बताया, “जावेड़कर जी ने स्मृति ईरानी से सुबह में दो बार फोन पर बात की। लेकिन वह नहीं आईं।”

Share This Post

Post Comment