चार लड़कियों ने पुलिस पर 25 फर्जी अपराधिक मुकदमे दर्ज करने का लगाया आरोप

कानपुर, युपी/नगर संवाददाताः खाकी का एक और शर्मनाक चेहरा सामने आया है. इस बार उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की चार लड़कियों ने पुलिस पर 25 फर्जी अपराधिक मुकदमे दर्ज करने का आरोप लगाया है. पीड़ित लड़कियों का कहना है उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है, इसलिए वे जान देने यहां आईं. पीड़ित लड़कियां एडीजी (कानून एवं व्यवस्था) दलजीत चौधरी से भी मिलीं, लेकिन उनके निर्देश के बाद भी स्थानीय पुलिस कुछ नहीं कर रही है. आरोप है कि पुलिस डीडीपी से मिलने नहीं दे रही है. पीड़ित लड़कियों का कहना है कि उनके बूढ़े माता-पिता गम में मरने के कगार पर पहुंच गए हैं, इसलिए उन्होंने अपनी जान देने की सोची और राजधानी आ पहुंचीं. वे आत्मदाह की कोशिश कर रही थीं, मगर लोगों ने उन्हें बचा लिया. पीड़ित रंजना पांडेय व रचना त्रिपाठी ने बताया कि उनकी दो छोटी बहनें रचना और अंजलि हैं. माता-पिता बूढ़े हैं. बहनों की शादी करनी है, लेकिन पुलिस ने उनके खिलाफ 25 अपराधिक मुकदमे दर्ज कर रखे हैं. पीड़िताओं ने बताया वे कानपुर बर्रा-8 में रहने वाले सुमित अवस्थी की बहनें हैं. पीड़िताओं कहना है कि कानपुर नगर स्थित बायोमास रिसर्च एंड टेक्निकल सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के नाम से उनके भाई ने मुर्गी पालन के लिए जो दाना (सप्लीमेंट) दिया जाता है, उसकी कंपनी खोली थी

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