शिवसेना ने सरकार को घेरा

नई दिल्ली/नगर संवादाताः काले धन को लेकर शिवसेना ने एक बार फिर पीएम मोदी पर हमला किया है. शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादकीय में लिखा है कि चाय से ज्यादा केतली गरम, मन की बात. पीएम ने काला धन रखने वालों को सितंबर तक एलान करने की जो मोहलत दी है, उसको लेकर शिवसेना ने कहा कि इसका मतलब है कि सांप बिल में है और वो बाहर आने को तैयार नहीं. सामना ने लिखा है कि मोदी ने हर आदमी को 15 लाख देने का वादा किया था. जिससे उनपर वोटों की बरसात हुई थी. लेकिन, दो साल बाद विदेशों से कितना काला धन आया? काला धन देश का बड़ा चुनावी मुद्दा रहा है. चुनावी भाषण से लेकर मन की बात तक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काले धन पर अपनी चिंता जता चुके हैं.

ये धन वापस आए इस दिशा में सरकार ने कदम बढ़ा दिए हैं. आपको बताते हैं इसमें कुछ कामयाबी भी मिली है. प्रधानमंत्री मोदी की मन की बात से शुरु करें, जिसमें वो कह रहे हैं कि 30 सितंबर तक काला धन डिक्लेयर नहीं किया तो कड़ी कार्रवाई होगी.

मन की बात में प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद वित्त मंत्रालय में बैठकों दौर जारी है ताकि काले धन का पता लगाने की नयी योजना पूरी तरह से कामयाब हो सके. इसी बीच विदेशी खातों में करीब 21 हज़ार करोड़ रुपए के काले धन की भी जानकारी मिली है. 2015 में काले धन पर एक नया कानून बना. इस कानून और सरकार बनने के बाद की गयी कोशिशों का कुल मिलाकर असर ये हुआ –

– करीब 21 हजार करोड़ रुपये की छिपी हुई कमाई का पता चला.
– इसमें विदेशों में छिपे काली कमाई का पता लगाने के लिए बनाए कानून के तहत 648 घोषणाएं शामिल हैं. जिसमें 4164 करोड़ रुपये की अघोषित कमाई और संपत्ति का पता चला जिस पर सरकार ने 2476 करोड़ रुपये का टैक्स कमाया.
– दूसरी ओर एचएसबीसी के 400 खातों में करीब 8000 करोड़ रुपये के काले धन का पता चला. इस पर 5300 करोड़ रुपये से ज्यादा का टैक्स डिमांड जारी किया गया है.

– इसी तरह इंटरनेशनल कंसोर्सियम ऑफ इनवेस्टगेटिव जर्नलिज्म की जानकारी के आधार पर 700 भारतीयों के विदेशी खातों में करीब 5000 करोड़ रुपये की छिपी कमाई का पता चला. इस पर टैक्स का आकलन किया जा रहा है.
– वित्त मंत्रालय घरेलू स्रोतों से हुई काली कमाई का पता लगाने के लिए नयी योजना इनकम डिस्क्लोजर स्कीम को मिशन मोड में लागू करने में जुट गयी है.

– 1 जून से 30 सितम्बर के बीच बीते सालों की अघोषित कमाई या उससे अर्जित चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा देना होगा.

– अघोषित कमाई या चल-अचल संपत्ति का कुल 45 फीसदी बतौर टैक्स और जुर्माना 30 नवंबर तक चुकाना होगा.
– ऐसा करने वालों पर ना तो कोई कानूनी कार्रवाई होगी और ना ही उन्हें कमाई का स्रोत बताना पड़ेगा.

टैक्स ना भरकर जो भी पैसा बचाया जाता है उसे काला धन कहते हैं. पूरा काला धन देश को वापस नहीं मिलता. बल्कि काले धन की घोषणा करने के बाद जो टैक्स इस पर मिलता है वही सरकारी खज़ाने में जाता है. पिछले साल विदेशों में मौजूद काले धन की घोषणा करने की जो स्कीम आयी थी उसमें 60 फीसदी टैक्स और जुर्माने का प्रावधान था. सरकार को उम्मीद है कि 2 लाख से ज्यादा की खरीद पर पैन जरूरी किए जाने और सोने पर 1 फीसदी की दर से एक्साइज ड्यूटी लगाने जैसे उपायों से काले धन पर लगाम लगाने में और मदद मिलेगी.

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