पुल बनकर तैयार भी नहीं हुआ, आ गईं पिलरों में दरारें

रायपुर, छत्तीसगढ़/नगर संवाददाताः गरियाबंद में सेतू निगम विभाग के कामकाज पर सवाल खडे हो गये हैं. चार दिन पहले ही गरहाडीह का पुल छह साल में दुसरी बार टुट गया था तो अब सोंढूर नदी पर बन रहे जड़जड़ा पुल में भी दरारें साफ देखने को मिल रही है. इतना ही नहीं एप्रोच रोड धंस रहा है. सड़क किनारे राहगीरों के लिए लगाए गए आधा दर्जन पिलर गिर गए हैं. यही नहीं कुछ साल पहले पैरी नदी पर बने मालगांव पुल की छडें भी बाहर निकल आयी हैं. जड़जड़ा में हो रहे गुणवत्ताविहीन काम शिकायत ग्रामीणों ने सासंद चंदूलाल साहू से की है. सांसद ने मामले को गंभीरता से लिया साथ ही धमतरी और गरियाबंद कलेक्टर से इसकी शिकायत करने की बात भी कही. विभाग के ऐसे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सवालों के घेरे में है. मालूम हो कि जैजैपुर ब्लाक में ग्राम मुक्ता व बनडभरा के बीच सोन नदी पर लोगों की परेशानियों को देखते हुए आगामन के लिए सुविधा प्रदान करने करोड़ों रुपए की लागत से सेतु निगम द्वारा पुल का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन ठेका कंपनी द्वारा गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है. घटिया स्तर के निर्माण सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है. इससे पुल में अभी से जगह-जगह दरार पड़ गई है. वहां कार्य करने वाले मजदूरों का कहना है कि उन्हें ठेकेदार जैसे कहता है उसी के अनुरूप कार्य किया जाता है. विभागीय अधिकारी कभी-कभार अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर खानापूर्ति कर देते हैं. डेढ़ साल से चल रहे इस निर्माण कार्य स्थल पर पारदर्शिता के लिए किसी प्रकार का बोर्ड नहीं लगाया गया है ताकि इसके संबंध में जानकारी लोगों को मिल सके. इसे निर्माण कार्य के प्रारंभ होने व पूर्ण होने की तारीख तथा कार्य करने वाली कंपनी के नाम का पता चल सके.

Share This Post

Post Comment