12 वर्षीय बालिका पर पैंथर ने किया हमला

उदयपुर, राजस्थान/नगर संवाददाताः  शहर से ६५ किमी की दूरी पर स्थित कुंभलगढ़ उपखंड की गजपुर पंचायत के थोरिया गांव के एक फले चीतर की नाल में अपने मकान की छत पर परिजनों के साथ सोई १२ वर्षीय बालिका पर पैंथर ने हमला कर दिया तथा उसकों गर्दन से दबोच दस फीट उंची छत से छलांग लगा दी। बालिका के चिल्लाने पर उसकी मां और बहनों की नींद खुल गई। पैंथर के छलांग लगाने से बालिका उसके मुंह से तो छूट गई लेकिन सिर के बल जमीन पर गिरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पैंथर जंगल की ओर भाग गया। घटना के बाद मौके पर पहुंचे वन विभाग और पुलिस के अधिकारियों ने मृतका का पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया। मिली जानकारी के अनुसार गजपुर पंचायत के गांव थोरिया के एक फले चीतर की नाल निवासी रामसिंह खरवड़ मुंंबई में रोजगाररत है लेकिन उसका परिवार गांव में ही रह रहा है। बुधवार रात को रामसिंह की पत्नी कैलाशकंवर अपनी पुत्रियों रविना (१२) व अन्य के साथ घर की छत पर सोई थी। तड़के करीब चार बजे के आसपास एक पैंथर छत पर चढ़ गया तथा वहां सो रही रविना पर झपट्टा मारकर उसकों गर्दन से दबोच लिया। इस दौरान बालिका के हलक से निकली चीख से उसकी मां कैलाशकुंवर की नींद खुल गई। पास में सो रही बहन भी जाग गई लेकिन पैंथर रविना को दबोचकर दस फीट उंची छत से जमीन पर छलांग लगा दी। पैंथर के छलांग लगाने से बालिका उसकी गिरफ्त से छुट गई तथा पैंथर जंगल की ओर भाग गया। रविना की मां और उसकी बहने तुरंत छत से नीचे उतरी लेकिन तब तक रविना की मौत हो गई। करीब दस-पंद्रह घरों की इस बस्ती में पैंथर के हमले से बालिका की मौत की सूचना मिलते ही लोग जमा हो गए। पुलिस को सूचना दी गई। गजपुर चौकी प्रभारी नरेंन्द्रसिंह मौके पर पहुंचे तथा उच्चाधिकारियों को घटना से अवगत कराया। सूचना मिलने पर सहायक वनसरंक्षक भंवरसिंह चौहान, क्षेत्रीय वन अधिकारी विनोद रॉय, कुंभलगढ़ थाना प्रभारी रामसुमेर मीणा सहित अन्य अधिकारी सुबह छह बजे घटनास्थल पर पहुंचे तथा आवश्यक कार्यवाही के बाद शव का गजपुर अस्पताल में पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया।

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