बढ़ते प्रदूषण को लेकर सख्त सुप्रीम कोर्ट ने डीज़ल टैक्सियों को क्रमबद्ध तरीके से हटाने की अपील

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सख्त सुप्रीम कोर्ट ने डीज़ल टैक्सियों को क्रमबद्ध तरीके से हटाने की अपील पर दिल्ली सरकार से आज शाम 4 बजे तक प्रस्ताव देने को कहा है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में कल सुनवाई होगी. अपने प्रस्ताव में दिल्ली सरकार को बताना होगा कि किस तरह से और कितने समय में डीज़ल टैक्सी हटाई जाएंगी और डीज़ल इंजन को सीएनजी में बदलने को लेकर क्या योजना है? कि सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों आदेश दिया कि दिल्ली में डीजल टैक्सियां नहीं चलेगी दिल्ली में टैक्सियों के बैन के बाद बीते दो दिन से जाम ही जाम का नजारा है. आपको बता दें कि कोर्ट ने डीजल टैक्सियों को सीएनजी में बदलने के लिए और मोहलत देने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने पिछले साल दिसंबर में इन कारों को 30 अप्रैल तक सीएनजी में बदलने का वक्त दिया था. दिल्ली में 2000 सीसी से ज्यादा डीजल इंजन वाली गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन पर पहले की ही तरह बैन जारी है. हालांकि ऑल इंडिया परमिट वाली कैब को छूट मिली हुई है. यानि वो दिल्ली में आ और जा सकेंगी. टैक्सी ऑपरेटरों ने इस तर्क के साथ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था कि उनके पास ऐसी कोई टेक्नोलॉजी नहीं है जिससे डीजल कारों को सीएनजी में बदला जा सके. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘अब हम सुनवाई के लिए आपको और अधिक समय नहीं दे सकते हैं. इसको लेकर काफी समय दे दिया जा चुका है. अब आपको कानून के हिसाब से ही काम करना चाहिए. आप लोगों को एक समय सीमा दी गई थी अब तक आपको विकल्पों के बारे में सोच लेना चाहिए था. आप डीजल टैक्सियों को बाहर बेचकर नई टैक्सियां खरीद सकते हैं.’ दिल्ली में 27 हज़ार टैक्सियां हैं और इसके बैन से हजारों लोगों की रोजी रोटी का सवाल खड़ा हो गया है.

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