महागठबंधन की बात को लेकर आम टकराव

पटना, बिहार/नगर संवाददाताः गठबंधन के मतभेद कोई नई बात नहीं। बिहार के सत्ताधारी महागठबंधन की बात करें तो यहां भी मुद्दों को लेकर टकराव आम है। लेकिन मतभेद के गुट उभरने के साथ ही घटक दलों ने नेताओं को पैचअप वर्क सरकार की गाड़ी की रफ्तार पर ब्रेक नहीं लगने दे रहा है। ताजा मामले प्रधानमंत्री कैंडिडेट विवाद पेयजल व सात निश्चय के है। सत्ताधारी दलों के नेता जानते हैं कि उनका महागठबंधन विपक्षी बीजेपी के खिलाफ बड़ा बिगुल है। इसे कायम रखने में ही उनका हित है इसलिए वे व्यापक बड़े हितों के लिए छोटी छोटी बातों को दरकिनार कर चल रहे है। इसके पीछे सरकार में शामिल दो बड़े दलों के प्रमुख नेताओं के बीच की केमिस्ट्री की भूमिका की अहम है।

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