जगह-जगह पानी की किल्लत

हावड़ा, पश्चिम बंगाल/विवेकः बहुत प्यास लगी है, कोई पानी दे दो, मुझे अभी मरना नहीं है, मुझे बचा लो।। कुछ इस तरह की आवाज गत 31 मार्च विवेकानंद फ्लाईओवर दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद आती है। दुर्घटनाग्रस्त फ्लाईओवर के नीचे दो पुलिस कर्मियों को इस तरह की आवाज सुनाई दी। वह अपनी ड्यूटी छोड़ कर थाने में जाकर अपने सहपाठियों को बताया। बाद में इलाके के लोगों से ली गई जानकारी के अनुसार वहां के स्थानीय लोगों को भी रात में चीखने की रोने की पानी मांगने तथा मदद जैसी आवाज सुनने को मिलती है। इस कारण आसपास के इलाके के लोग काफी भयभीत हो चुके है। अभी तक मलवा हटाने का काम चल रहा है। आशंका है कि इस मलवे के नीचे में भी कई शव दबे हो सकते है।

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