मन को प्रदूषण से रखें मुक्तः सुश्री कर्ण भद्रा भारती

मन को प्रदूषण से रखें मुक्तः सुश्री कर्ण भद्रा भारती

नई दिल्ली/अरविंद यादवः दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान कपूरथला की ओर से शालीमार बाग में श्री मद्भगवत कथा का आयोजन किया गया जिसमें श्री आशुतोष महाराज जी शिष्या साध्वी सुश्री कर्ण भद्रा भारती जी ने कहा कि जब जब संतों े आदेशों का परित्याग करते हुए मानव भोगवासना की ओर प्रवृत हुआ तब तब समाज रूपी यमुना विष युक्त होती गई। साध्वी जी ने कहा कि आज समय को जरूरत है। मन को प्रदूषण से मुक्त करने की जब मन का प्रदूषण समाप्त होगा, तब तक बाहरी पर्यावरणस्वतः ही स्वच्छ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि क्या हम अपनी आने वाली पीढि़यों को ऐसी दुनिया देना चाहेंगे जिसकी हवाओं में जहर घुला हो। जहां सूखा और बाढ़ विनाश की सृष्टि करते हों। संभवतः कोई भी माता-पिता अपने बच्चों को ऐसी दुनिया नहीं देना चाहेंगे। लेकिन आज का आधुनिक मानव जिस गति से पर्यावरण का शोषण कर रहा है, उसके परिणामस्वरूम आने वाले कुछ समय में पृथ्वी पर न तो पीने के लिए स्वच्छ जल बचेगा और न ही सांस लेने के लिए स्वच्छ वायु। पृथ्वी के हाहाकार से, प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली क्षति का स्तर भी बढ़ जाएगा। इसलिए समय रहते इस दिशा की ओर पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए तो मानव अपने भविष्य के लिए स्वयं जिम्मेवार होगा। वर्तमान समय में यदि कोइ्र आपदा मानव जीवन को खत्म करने का प्रयत्न कर रही है तो वह है पर्यावरण में बढ़ रहा प्रदूषण। साध्वीजी ने कहा कि जब तक धर्म प्रत्येक व्यक्ति के हृदय में प्रकट नहीं हो जाता तब तक राष्ट्र में समस्याएं जन्म लेती है। आगर समस्या का समाधान करना है तो मानव के मन की समस्या को जड़ से समाप्त करना होगा। जब ब्रह्मज्ञान की धरा को सारे विश्व में प्रवाहित किया जाएगा, तभी विश्व मे शांति के गीत होंगे और हर ओर प्रेम प्रकाश होगा। श्री मद्भागवत कथा में भगवान श्री कृष्ण की नटखट व भावविभोर करने वाली लीलाओं की कथा प्रसंग व मधुर संकीर्तन सुनकर कार्यक्रम में उपस्थित भक्तजन मंत्रामुग्ध होकर झूमने को मजबूर हो उठे।

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