सीएम के आश्वासन से नाखुश जाटों ने 10 से ज्यादा जिलों को आंदोलन की आग में झोंका

भिवानी, हरियाणा/मुकेशः जाटों के आंदोलन से हरियाणा में हाहाकार मचा हुआ है। जाटों ने दस से ज्यादा जिलों को आंदोलन की आग में झोंक दिया है। जाटों ने सरकार के साथ बातचीत विफल रहने के बाद आंदोलन को जारी रखने की घोषणा की है। गोहाना, पानीपत, सोनीपत, जींद, कैथल और करनाल में जाटों ने जहां सड़कों को जाम कर रखा है। वहीं हिसार में जाट रेलवे ट्रैक पर ही धरना देकर बैठ गए हैं. इसके चलते इस रूट पर आने वाली ट्रेनों को डायवर्ट कर दिया गया है। झज्जर में भी जाट रोड पर जाम लगाकर मुसाफिरों के लिए आफत बने हुए हैं। रोहतक के सांपला में गुरुवार को पांचवें दिन भी जाटों ने नेशनल हाइवे को जाम कर रखा है। हालांकि, बारिश के बावजूद भी जाट नेशनल हाइवे पर डंटे हुए हैं. जाटों का कहना है कि जब तक उन्हें ओबीसी में शामिल नहीं किया जाता, तब तक उनका ये आंदोलन जारी रहेगा। उग्र होते जाटों के आंदोलन को देखते हुए ऐहतियान प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थान बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। जाट आंदोलन को लेकर इनसो ने भी समर्थन किया है. बुधवार को इनसो ने रोहतक की एमडीयू यूनिवर्सिटी को बंद कर दिया था और आज प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों को बंद कराने का ऐलान किया है. इनसो ने साफ किया कि आज वह कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी को बंद कराएंगे। दरअसल, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ हुई खाप प्रतिनिधियों की बैठक से जाट समाज सहमत नहीं हैं. जाट नेताओं का कहना है कि सरकार ने जो आश्वासन दिया है वह सिर्फ बहकावा है। वहीं जाट आंदोलनकारियों की ओर से लगातार ललकारे जा रहे राजकुमार सैनी और उनकी ओबीसी ब्रिगेड के चलते सैनी आज कुरुक्षेत्र में एक बैठक करेंगे. ये बैठक अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधियों के साथ की जाएगी. बैठक में जाट आंदोलन को लेकर चर्चा की जाएगी

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