ब्यावर में इवेन्ट कंपनी के युवक-युवतियों को किया बदनाम

निखिल बंसाली, अजमेर/राजस्थानः सोमवार को शहर की सदर थाना पुलिस ने अपनी वर्दी के मेडल चमकाने की आड़ में जयपुर में पढ़ रही कुछ लड़कियों व लडक़ों को रेव्ह पार्टी में लिप्त बताकर ऐसी सनसनी फैलाई कि अपनी पढ़ाई के लिए इज्जत के साथ कोई अतिरिक्त काम करने की मंशा से एक इवेन्ट कंपनी से जुड़े युवाओं का जीना मुश्किल हो गया। पुलिस ने आरोप भी लगाये तो इतने शर्मनाक कि पढक़र अपना करियर बनाने वाले इन युवाओं के लिए जीवनभर नहीं भूलने वाला यह एक बुरा सपना बन गया है। बात सच होती तो कोई बात नहीं। लेकिन पुलिस ने इस मामूली घटना को तूल देने के लिए सबकी गिरफ्तारी बताने के बाद कोर्ट से एक दिन का रिमांड और मांग लिया ताकि वह जमकर अपनी करतूतों को जायज ठहरा सके। अब तक की जानकारी में पुलिस ने कोई ऐसा प्रमाण सामने नहीं दिया है जिससे उसके द्वारा लगाये जा रहे आरोपों में कहीं कोई दम नजर आये। पीडि़त युवक-युवतियों ने भारी मन से अपना दु:ख व्यक्त करते हुए यह भी कहाकि काश, पुलिस वाले समझते कि हम भी उनके बेटे-बेटियों की तरह हैं।

शहर के भाजपा नेता जयकिशन बल्दुआ परिवार में गृहप्रवेश के कार्यक्रम में जयपुर की इवेन्ट कंपनी के कुछ युवक-युवती आमंत्रित किये गये। इन युवक-युवतियों के पास अतिथियों को भोजन सर्व करने से लेकर पूरे कार्यक्रम में रिसेप्शन के मैनेजमेन्ट को देखने का जिम्मा था। कंपनी मैनेजर हर्षवद्र्धन के साथ 29 नवम्बर को पूरा ग्रुप ब्यावर आया और रात 10 बजे तक उनके नवनिर्मित आवास पर यह लोग सारा काम संभालते रहे। काम निपटाने के बाद पूरा ग्रुप सेन्दड़ा रोड़ स्थित एक होटल में गया जहां उन्हें रात्रि विश्राम करना था। इसी बीच दो जने शराब के नशे में टुन्न होटल में आये और इन लड़कियों से कहाकि ‘कोई फ्री है क्या?’ इस पर लड़कियों ने उन्हें अनदेखा किया तो वे उनसे छेड़छाड़ करने लग गए। मामला बिगड़ा तो इवेन्ट वालों ने उनकी धुनाई कर दी। पता चला कि वे पुलिस से ही जुड़े थे। इवेन्ट कंपनी की लड़कियों ने इस घटना के बाद होटल को अपने ठहरने की ठीक जगह नहीं पाते हुए कहीं और ठहराने हेतु कहा। इस पर उन्हें हाईवे के एक रिसोर्ट पर ठहरा दिया।

पिटने के बाद कथित पुलिसकर्मियों ने ही पूरे मामले को तूल दिया और सारी शिकायत अजमेर अधिकारी को करते हुए होटल में सेक्स कारोबार होने की बात कहकर बवंडर मचा दिया। अजमेर से ब्यावर सदर थाना पुलिस को मामला देखने को कहा तो उसने सारे मामले को उसी स्टाइल में रंग देते हुए होटल से चौदह लड़कियां व लडक़ों को गाड़ी में बिठाकर थाने ले आये। इनमें वे भी शामिल है जो मेहमानों को होटल में ठहराने की व्यवस्था देख रहे थे।

लड़कियों का कहना है कि वे अपने कमरे में पूरे कपड़े पहने थी और उनके साथ कोई दूसरा बंदा नहीं था। उनके कमरे में कोई भी आपत्तिजनक सामग्री नहीं थी। पुलिस ने दरवाजा खटखटाया तो उन्होंने तुरन्त दरवाजा भी खोला और उनसे पूछे गये सवालों का जवाब भी दिया। पुलिसकर्मी संतुष्ट भी थे और हैरान भी कि यहां कुछ ऐसा-वैसा है नहीं। लेकिन वे लड़कियों को यह कहकर ले गये कि एक बार आपको हमारे साथ थाने चलना होगा। लड़कियां और लडक़े भी इस विश्वास में साथ हो लिये कि कुछ गलत है ही नहीं तो होना क्या है? लेकिन पुलिस पूरे मामले को सनसनीखेज बनाने से नहीं चूकी और चूंकि पूरा मामला हाईप्रोफाइल है तथा अजमेर से अधिकारी के फोन पर कार्यवाही हो रही है तो भला यह कैसे संभव है कि ‘खोदे पहाड़ और निकले चुहिया।’ सौ पुलिस ने पूरी मेहनत के साथ प्रकरण बनाकर अपनी काबिलियत दिखाने में कसर नहीं छोड़ी। पकड़े गये आरोपियों में निकिता वर्मा, अभिषेक गौड़, सुरभि सिंह, नवनीत मीणा, हर्षिता साल्वी, बलवीर, प्रीति, दुष्यंतसिंह, आरूचि बंसल, नरेन्द्र सिंह, उवर्शी, कमलदीप है।

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