वाशिंगटन। नासा ने बड़े सूरजमुखी की तरह दिखने वाले एक अंतरिक्षयान का विकास किया है तो पृथ्वी से मिलते-जुलते ग्रहों की तलाश करेगा। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने कहा कि इस अंतरिक्षयान का इस्तेमाल पृथ्वी जैसे ग्रहों की तस्वीरें लेने…

नई दिल्ली, 25 फरवरी (वेबवार्ता)। अगर आपको ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए सस्ते सामान खरीदने की आदत है तो आने वाले समय में आपको परेशानी हो सकती है। सोनी, एप्पल, नोकिया और सैमसंग जैसी कंपनियां ऑनलाइन शॉपिंग पर दिए जा रहे…

लॉस एंजेलिस। सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक इस सप्ताह अपनी 10वीं सालगिरह मना रहा है। इस एक दशक में इसने उतार और चढ़ाव दोनों देखे हैं और इसकी समाप्ति पर असाधारण लाभ भी प्राप्त किया है। विश्वभर में फेसबुक के 1.2…

नई दिल्ली। सरकार ने आज संकेत दिया कि वह अर्थव्यवस्था को गति देने के लिये अंतरिम बजट में उत्पादन शुल्क व सेवाकर की दरों में थोड़ा बहुत बदलाव कर सकती है लेकिन वह सुधारों को आगे बढ़ाने की दृष्टि से…

लखनऊ़। केंद्रीय इस्पात मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता बेनी प्रसाद वर्मा ने सोमवार को कहा है कि पुलिस भैंस ढूंढ रही है और गुंडे दंगा भड़का रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने उस पर दोनों…

मुंबई। टीवी रियलिटी शो बिग बॉस में गौहर खान और कुशाल टंडन के बाद एक और जोड़ी थी जो सुखिऱ्यों में रही हैं, तनीषा मुखर्जी और अरमान कोहली। शो के दौरान दोनों ने साथ जीने मरने की कसमे खाते रहे।…

युद्ध और मोहब्बत के दौरान सनक ही सब कुछ कराती है। प्रेम करना गुनाह नहीं। गुनाह है प्यार में अंधा हो कर सब कुछ भूल जाना। भक्ति में शक्ति होती है। प्रेम करना ही है तो वतन से करो, प्रकृति…

आज के इस महंगाई के दौर में जहां हर चीज महंगी है, हंसी ही सस्ती क्यों रहे, सो हंसी भी महंगी हो गई है जिसे लोग सोच-समझ के बहुत थोड़ा-थोड़ा खर्च करते हैं। आज जीवन शैली ही ऐसी बन गई…

मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत निशित जैन जो एक उच्च अधिकारी हैं, इन दिनों कार्यभार को लेकर काफी तनावग्रस्त रहने लगे थे। कंप्यूटर के आगे बैठे-बैठे शरीर अकड़ जाता था। उन्हें बैकएक की समस्या भी रहने लगी थी। व्यायाम की कमी…

कहते हैं ‘मेडिटेशन इज माइंड विदाउट एजिटेशन, ध्यान से मन शांत निर्विकार होता है इसमें दो राय नहीं। ध्यान में अपने चित्त की गतिविधि को देहगत संवेदना को तटस्थ बनकर, सिर्फ साक्षी के तौर पर देखा जाता है।  अपने को…

आजादी के 60 वर्षों में हमने अपनी खाने की आदतों के बारे में क्या विचार किया इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि हम बेहिसाब खाने वाला देश बन गए। हमारी संस्कृति और सभ्यता में खान-पान आकर्षण का विषय रहा लेकिन…

भवन बनकर तैयार हो जाता है तो वह पंचभूत का रूप धारण कर लेता है। ईटो, मिट्टी, सीमेन्ट वगैरह से जब भवन बनकर तैयार हो जाता है तो लोग इसे निर्जीव समझते है लेकिन उनकी यह विचार धारा गलत है।…