प्रेम जीत सेन का महान उद्योग लॉक डाउन के दौरान सम्पन्न हुआ कराटे का ऑनलाइन प्रतियोगिता

कोलकाता, संजय साहा: इस लॉक डाउन परिस्थिति में स्कूल कॉलेज के साथ सभी तरह के खेल की ट्रैनिंग कैम्प और प्रतियोगिता बंध है। स्कूल कॉलेज में ऑनलाइन क्लास चल रहा है। लेकिन अधिकतर खेल की ट्रैनिंग, प्रैक्टिस या प्रतियोगिता बंध है। इसका कारण है सिर्फ और सिर्फ करोना इस अद्भुत स्थिति में बच्चों के मानसिक स्थिति में कुछ बदलाव के लक्षण भी देखा जा रहा है। इन कठिन परिस्थिति में बच्चों के मानसिक और शारीरिक क्षमता को बढ़ाने के लिए एक महान उद्योग लिया गया हाणशी प्रेम जीत सेन के द्वारा प्रेम जीत सेन, अल इन्डिया सेइशिंकाई शितोरियू कराटे डो फेडरेशन के चीफ टैक्निकल डॉयरेक्टर है। उन्होंने कराटे सीखनेवाले सभी खिलाड़ियों के लिए ऑनलाइन क्लास चालू कर दिया था जो की अभी भी चालू है। ताकि सभी खिलाड़ी अपने अपने घरों में ही प्रैक्टिस कर पाए, सीख पाए और अपना शरीर को स्वस्थ रखने का प्रयास कर पाए। जिस से वह सब की शारीरिक इम्यूनिटी भी बढ़े और सभी खिलाड़ी मानसिक अवसाद से मुक्त रहे। ये तो चल ही रहा था। अब प्रेम जीत सेन ने एक ऑनलाइन कराटे प्रतियोगिता का भी आयोजन किया था। इस प्रतियोगिता का आयोजक ए आई एस एस के एफ। प्रतियोगिता का नाम था ‘अल इन्डिया इन्विटेशनल ई काता चैंपियनशिप’। इस प्रतियोगिता में कनाडा, यू ए ई, कतार, ईरान और इन्डिया यह पांच देशों के करीब 1600 प्रतियोगी भाग लिया था। सब कोई अपना काता की वीडियो रिकार्डिंग करके भेजा। यह प्रतियोगिता चली 31 मई से 7 जुन तक। उसके बाद नैशनल और इंटरनैशनल जजो की पैनल ने सभी प्रतियोगी के काता परख कर सर्वसम्मति से फल की घोषणा किए। 14 जुन को फल घोषित किया गया। देखने वाले बात यह है कि इस प्रतियोगिता में भारत तथा बंगाल के खिलाड़ियों सब से आगे रहे और बंगाल तथा भारत का नाम विश्व के दरबार में रोशन किए। इस कठिन परिस्थिति में सब कोई अपने अपने घरों पर रहकर भी इसमें शामिल हो सके। इस अभावनिय महान उद्योग से सभी खिलाड़ी अपने मानसिक अवसाद से मुक्त होकर पूरी जोश के साथ इसमें शामिल हुए और उन्हें अपनी हुनर दिखाने का मौका भी मिला। इस उद्योग के लिए शामिल हुए बाहर के देश भी उनकी बहुत प्रसंशा की प्रेम जीत सेन का ध्यान, ज्ञान, खाना, सोना, सपना सब कुछ कराटे ही है। उन्होंने अपनी जीवन कराटे की प्रसार और उन्नति में लगा दिया। सच में यह एक काबिले तारीफ महान उद्योग है। हम आशा करेंगे कि उनकी ऐसे उद्योग में आगे सरकार भी सहायता करेगी।

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