सरकारी हॉस्पिटल वसई पार नाका गेट के सामने दिखाई दी बॉडी लोगों में डर का माहौल बना

महाराष्ट्र/मुंबई, नजीर मुलाणी: सरकारी हॉस्पिटल वसई पार नाका गेट के सामने दिखाई दी बॉडी लोगों में डर का माहौल बना यह फोटो वायरल व्हाट्सएप द्वारे रात के 11ः00 बजे मै रिपोर्टर नजीर मुलाणी मेरे मोबाईल पर किसी ने भेजा तब मैंने खुद पुलिस स्टेशन से जानकारी लेने के लिए फोन किया तब ड्यूटी पर अमलदार पुलिस ना. राजेंद्र रामचंद्र भोसले साहब उनसे फोन पर बात हुई उन्होंने मुझे बताया हमें पता नहीं अब तक आपको पता होगा तो हमें जानकारी दीजिए वहां पर लोगों की भीड़ हुई और भोसले साहब ने दो पुलिस को वहां पर भेजें उस वक्त पोलीस ना. अमित एस चंदनशिवे और पुलिस हवलदार प्रवीण रामचंद्र ढगे साहब वहां पर पहुंच गए तब पुलिस ने देखा तो वहां पर सफेद कपड़े में बॉडी दिखाई दी और लोगों की भीड़ पुलिस ने की पूछताछ, वहां पर डॉ बालाजी उन्होंने चेक करके बताया उसकी जान जा चुकी है मै आज पुलिस चंदनशिवे से फोन पर संपर्क करके उन्होंने बॉडी के बारे में बताया बाइक पर उसको लेकर सरकारी अस्पताल में लाया गया और उल्टी बाइक पर हुआ ऐसा बताया इस तरह से पत्रकार को बताया गया और सोमवार को मुन्नाभाई इन्होंने युटुब द्वारा जनता के बीच रहकर पुचताच कर कर और आॅड.अलतमस उन्होंने मरीज के सिलसिले में बाइट में बोलते हुए बताया किस तरह से हॉस्पिटल का सहयोग मिला मास नही पैन्हा था उनलोगो ने उस वजे से बॉडी गेट पर रखी गई उसके बाद अंदर बताया गया उस वजह से जनता की आवाज से बताया जाता है डॉक्टर ने कहीं लोग वॉचमैन का नाम ले रहे हैं मास नहीं है अंदर आना नहीं ऐसा ही बताया गया पत्रकार को सही नहीं जानकारी मिलने की वजह से कहीं लोगों की किस तरह से बात का बतंगड़ बनाया गया और डॉक्टर के ऊपर आरोप पर आरोप होते हुए बताया गया और सरकारी दवाखाने को कोरोना वायरस के सिलसिले से स्ट्रीक ली ऑर्डर दिया गया मांस बिना किसी को अस्पताल में दाखल ना करें और इस तरह वीडियो के ऊपर आपत्ति वीडियो में जो पब्लिक का कहना था वह बताया गया और वहां पर एक मीडिया यूट्यूब चैनल वाला था उन्होंने वहां पर अपना माइक लेकर एंकरिंग किया डॉक्टर से पूछताछ की लेकिन उसको जानकारी सही तरीके से नहीं दी गई लेकिन वही पत्रकार ने जो भी जानकारी मिली वह दिखाना सक्त जरूरी था लेकिन ऐसा नहीं करके लोगों में शक की बुनियाद बनी इसलिए पत्रकारों पर आपत्ति जताते हैं आम जनता कुछ और कहती है डॉक्टर कुछ और कहते हैं पुलिस और बताती है इसमें पत्रकार किस तरह से लिखेगा या दिखाएगा जनता बताती है और उंगली उठाती है उस तरह से डॉक्टर भी पत्रकारों पर आरोप लगाने पर बाज नहीं आते गलती हो या ना हो लेकिन पत्रकार एक जनता का प्रतिनिधि बनकर अपना लोगों का पूरा सहयोग कर कर बातमी या वीडियो बनाकर डालता है पत्रकार कुछ भी दिखाता है बताता है इस तरह खच्चीकरन करते है पत्रकार का ए इस तरह से अपने मकसद में कामयाब होते है इस तरह से लोगों को न्याय मिले या ना मिले, पत्रकार लिखते है उन पर आरोप लगाकर दुबारा ना छापे ना दिखाएं सही जानकारी अब तक नहीं मिल पा रही है इस वजह से यह न्यूज़ 9 तारीख से अब तक का मतलब डॉक्टर से भी फोन पर बातचीत की उन्होंने कहाँ वह आदमी की जान पहले से ही गई थी डॉक्टर का कहना है और लाने वाले बाइक पर उनका कहना था वह हम गाड़ी पर लाते वक्त जिंदा था हम हॉस्पिटल के सामने आते वहां पर उन्होंने गेट पर बॉडी नीचे उतार दिया सिक्योरिटी गार्ड ने बताया मांस लगा कर आवो यह पूरी जानकारी डॉक्टर बालाजी ने रिपोर्टर नजीर मुलाणी दी मैंने डॉ बालाजी सर से बातचीत की आप इस सिलसिले में आपके जवाब नहीं मुलाकात में जनता को बताएगा उन्होंने मना कर दिया हमारे वरिष्ठ लोग ने मना कर दिया है कोई बाइट नहीं देने का इसका मतलब क्या यह सवाल जनता कर रही है इससे जानकारी अधूरी मिलने से आरोप डॉक्टर पर हो रहे हैं, इस की जांच कर रहे पोलीस ना. अमित यस चंदनशिवे और पुलिस हवलदार प्रवीण रामचंद्र ढगे, वसई पोलीस ठाणे।

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