हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन की बैठक

सिरसा/हरियाणा, पंकज माहेश्वरी : आज हरियाणा प्रदेश अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन की जिला कुरुक्षेत्र इकाई की बैठक पेहवा मंडी में प्रदेश अध्यक्ष श्री अशोक गुप्ता जी की अध्यक्षता मे हुई। विशेष कर आज की बैठक मे बैठक मे सरकार द्वारा किसानो को फसलों के सीधे भुगतान व अन्य विषयो पर सामूहिक चर्चा की सर्वसम्मति से निर्णय लिया की किसानो को सीधा भुगतान किसी भी सूरत मे मंजूर नहीं है, अगर सरकार जबरदस्ती इसे लागू करेंगी तो किसान व आढ़ती मिलकर इसका विरोध करेंगे। अगर सरकार के खिलाफ कोई आंदोलन करना पड़ा तो किसान व आढ़ती मुनीम ओर मजदूर को भी साथ लेकर जबरदस्त आंदोलन करेंगे।
इसके साथ साथ कुछ अन्य जरुरी विषयो पर भी विचार हुआ ओर मुख्य्मंत्री जी से मांग की गई खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा अक्टूबर नवंबर 2019 में जो धान हरियाणा की मंडियों से खरीदा गया है उसका भुगतान लगभग रु 700 करोड हरियाणा की मंडियों के आढ़ती, किसान व मजदूरों का डीएफएससी के पास बकाया पड़ा है। 15 दिसंबर की बैठक में आपके आदेश के बावजूद अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। तीन महीने बीत जाने पर भी भुगतान न होने के कारण हरियाणा के किसान, आढ़ती व मजदूर अत्यधिक आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। इस से सभी वर्गों में सरकार के विरुद्ध बहुत रोष है सरकार से निवेदन है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दें कर तुरंत ब्याज सहित पूरा भुगतान करवाया जाए। अन्यथा हरियाणा के किसान, मजदूर व आढ़तियों को मजबूरीवस आंदोलन की राह पकड़नी पड़ेगी सरकार फसलों का भुगतान सीधे किसानों के खाते में करना चाहती है जबकि हरियाणा का किसान अपनी फसलों का भुगतान आढ़ती की मार्फत ही लेना चाहते हैं सरकार के साथ पहले भी यह निर्णय हो चुका है कि सीधा भुगतान केवल इच्छुक किसान को ही दिया जाए। अन्य सभी किसानो को भुगतान आढ़ती के माध्यम से ही दिया जाएगा।
दूसरे राज्य के किसान जो कई कई पीढ़ियों से हरियाणा की मंडियों में लेनदेन करते हैं वह अपनी फसलें भी हरियाणा की मंडियों में ही बेचते हैं मुख्यमंत्री जी ने इस पर अपनी सहमति दी थी और वादा किया था कि कहीं का भी किसान अपनी फसलें हरियाणा की मंडियों में बेच सकता है केवल भावंतर योजना का लाभ अन्य राज्य के किसानों को नहीं मिलेगा।
रबी सीजन 2019 में सरकार द्वारा खरीदी गई गेहूं की देरी से भुगतान पर मुख्यमंत्री जी व सरकार के उच्च अधिकारियों ने आढ़तियों को 12प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का वायदा लिखित में किया था परंतु बार.बार डिमांड के बावजूद अभी तक सरकार द्वारा ब्याज नहीं दिया गया है। हरियाणा में नरमा, कपास, सरसों, मक्का, बाजरा, सूरजमुखी, चना इत्यादि फसलें बगैर आढ़ती के माध्यम से सरकार द्वारा खरीदी जा रही है हमारा निवेदन है कि तुरंत सभी फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर आढ़ती के माध्यम से ही खरीदी जाए वह किसानों को इसका भुगतान आढ़ती के माध्यम से ही दिया जाए। आज की बैठक मे जिला प्रधान चौधरी बनारसीदास शाहबाद मंडी, लाडवा मंडी इस्माइलाबाद मंडी ठोल मंडी कुरुक्षेत्र मंडी, पिपली मंडी व बाबैन मंडी के प्रधान पदाधिकारी शामिल हुए।

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