सरकार ने तय किए मास्क और सैनेटाइजर के दाम, अधिक कीमत वसूलने पर होगी कार्रवाई

राजकोट/गुजरात, हार्दिक हरसौरा : देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। शुक्रवार को ही एक दिन में करीब 50 से अधिक लोगों संक्रमित होने के मामले सामने आए हैं। ऐसे में बाजारों में मास्क और सेनेटाइजर की बिक्री बढ़ गई है। बिक्री बढ़ने के साथ की दुकानदार ग्राहकों से मास्क और सेनेटाइजर पर मनमानी कीमत वसूल रहे हैं। सरकार ने इस पर रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने मास्क और सेनेटाइजर के दाम तय कर दिए हैं। कोई भी दुकानदार मास्क और सेनेटाइजर पर तय राशि से ऊपर नहीं वसूल सकेगा। अगर वह अधिक कीमत वसूलता पकड़ता जाता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने 200 एमएल के हैंड सैनेटाइजर की कीमत अधिकतम 100 रुपए तय की है जबकि एक मास्क की अधिकतम कीमत 10 रुपए तय की है। सरकार का यह आदेश 30 जून तक प्रभावी रहेगा।

खाद्य एवं उपभोक्ता मंत्री रामविलास पासवान ने ट्वीट कर बताया कि कोरोना वायरस के फैलने के बाद से बाजार में विभिन्न फेस मास्क, इसके निर्माण में लगने वाली सामग्री और हैंड सेनिटाइजर की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि देखी गई है। सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए इनकी कीमतें तय कर दी हैं। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत 2 और 3 प्लाई मास्क में इस्तेमाल होने वाले फैब्रिक की कीमत वही रहेगी जो 12 फरवरी 2020 को थी, 2 प्लाई मास्क की खुदरा कीमत 8रू. मास्क और 3 प्लाई की कीमत 10 रूपए मास्क से अधिक नहीं होगी। एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि हैंड सेनिटाइजर की 200 एमएल बोतल की खुदरा कीमत 100 रु. से अधिक नहीं होगी। अन्य आकार की बोतलों की कीमत भी इसी अनुपात में रहेंगी। ये कीमतें 30 जून 2020 तक पूरे देश में लागू रहेंगी। बता दें कि भारत में एक दिन में सबसे अधिक 50 नये मामले सामने आए। इसके साथ देश में कुल संक्रमितों की संख्या 223 पहुंच गई है। इन संक्रमितों के संपर्क में आए 6700 से अधिक लोगों को निगरानी में रखा गया है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए राज्य की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा की संक्रमितों की संख्या बढ़ने से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इसे नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और पुणे सहित सभी बड़े शहरों में कार्यस्थल 31 मार्च तक बंद रहेंगे।

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने लोगों से अपील की कि वे प्रधानमंत्री द्वारा 22 मार्च को सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सामाजिक मेलजोल से दूरी हेतु जनता कर्फ्यू के आह्वान का अनुपालन करें। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे टोल फ्री नंबर 1075 का इस्तेमाल कोई भी जानकारी प्राप्त करने के लिए करें। अग्रवाल ने कहा कि सरकार रक्षात्मक उपाय पर काम कर रही है। नेताओं द्वारा भयभीत नहीं होने और सामान जमा नहीं करने की अपील के बावजूद किराना,, दवा की दुकानों और अन्य सामान बेचने वाली दुकानों पर सामाजिक दूरी को दरकिनार करते हुए लोगों की लंबी कतारें दिख रही हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से रविवार को जनता कर्फ्यू को सफल बनाने के आह्वान के जवाब में कई कारोबारियों सहित जनसेवाओं ने अपने प्रतिष्ठानों को बंद करने का फैसला किया है जबकि कई लोगों ने एहतियातन स्व पृथक करने का फैसला किया है। आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक केवल आवश्यक वस्तुओं जैसे दूध, पेट्रोल, डीजल, सब्जी, दवाएं और एलपीजी सिलेंडर को परिवहन को अनुमति होगी।

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