परिजनों ने निजी अस्पताल में इलाज करते आयुष डॉक्टर पर लगाया रियेक्शन से मृत्यु का आरोप

जालोर/राजस्थान, भरत कुमार: बागोड़ा उपखंड के एक निजी अस्पताल में इलाज कराने गए मरीज को डॉक्टर द्वारा लगाए गए इंजेक्शन के रिएक्शन से मरीज की मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों ने डॉक्टर की लापरवाही से मरीज की मौत का आरोप लगाया जा रहा है गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के आगे शव को रखकर विरोध प्रदर्शन किया गया। बताया जा रहा है कि जोगाराम पुत्र पनाराम जाति तीरगर के पेट में दर्द होने के होने पर निजी हॉस्पिटल में इलाज के लिए गया हुआ था ऐसे में बागोड़ा के निजी बजरंग हॉस्पिटल में वहां पर सरकारी आयुर्वैदिक हॉस्पिटल में कार्यरत डॉक्टर चंद्र किशोर शर्मा द्वारा मरीज जोगाराम की जांच करें इंजेक्शन लगाया गया और ड्रिप चढ़ाने के एक अन्य कर्मी के द्वारा ड्रिप चढ़ाया गया लेकिन तबीयत में सुधार नहीं होने पर आयुर्वेदिक डॉक्टर ने दूसरा इंजेक्शन लगाया गया जिसके बाद तबीयत बिगड़ गई और वह बेसुध हो गया जिस पर हॉस्पिटल के प्रशासन को अपनी गलती छुपाने के लिए ताबड़तोड़ मरीज को वाहन में डालकर अपने एक कर्मचारी के साथ भेजा था कि उनकी गलती का किसी को पता नहीं चले। लेकिन मरीज ने बीच रास्ते में भीनमाल ले जाते समय दम तोड़ दिया उसके बाद परिजनों ने मौत का आरोप लगाकर मृतक के शव को अस्पताल के मुख्य दरवाजे पर रखकर आयुर्वेदिक डॉक्टर चंद्र किशोर शर्मा पर मरीज के इलाज में लापरवाही बरतते हुए मौत का कारण बताया। उसके बाद परिजनों ने शव को अस्पताल के मुख्य दरवाजे पर रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया इधर मरीज की मौत के मामले को लेकर लोगों की भी भारी भीड़ जमा हो गई वहीं जानकारी मिलने पर उपखंड अधिकारी मृदुला शेखावत तहसीलदार सहित पुलिस जाब्ता भी निजी अस्पताल पहुंचे और मृतक के परिजनों से जानकारी लेकर पुलिस रिपोर्ट देने की बात की उसके बाद परिजनों व अस्पताल संचालकों के फ्रिज प्रशासन की मौजूदगी में बंद कमरे में करीब डेढ़ घंटे तक मामले को लेकर समझाइश की गई उसके बाद सबको बागोड़ा राजकीय अस्पताल लाया गया जहां से पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सुपुर्द किया। प्रशासन की समझाइश पर माने परिजन काफी देर तक समझा इसके बाद हालांकि परिजन मामले को शांत करने के लिए मान गए लेकिन आखिरकार इस तरह डॉक्टरों की लापरवाही कब सुधरेगी यह सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है कि चिकित्सा विभाग में इस तरह के क्लीनिक लगाकर सरकारी वेतन उठाने वाले डॉक्टर ऊपरी कमाई के लिए कब तक मरीजों की जान के साथ खेलेंगे बताया जा रहा है कि बागोड़ा के बजरंग हॉस्पिटल में आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉक्टर चंद्र किशोर शर्मा द्वारा करीब 6 माह से यहां पर सेवा दी जा रही है जबकि डॉक्टर साहब की ड्यूटी बागोड़ा उपखंड मुख्यालय के एक छोटे से गांव डूंगरवा के राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल में है लेकिन डॉक्टर साहब कभी कबार अपनी ड्यूटी वाले अस्पताल जाते हैं और इस निजी अस्पताल में सरकार को चूना लगाने के बाद मरीजों की जान के साथ भी खिलवाड़ करते हैं एक बात तो साफ है भले ही राजस्थान के चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा चिकित्सा व्यवस्था को लेकर कई बड़े दावे करते हो लेकिन उनके कि विभाग के डॉक्टर इस तरह से लापरवाह है कि जिसका अंदाजा लगाना अपने आप में एक सवाल खड़ा करता है कि चिकित्सा विभाग का सिस्टम कितना सुधर पाया है। डॉक्टर साहब आयुर्वेदिक अस्पताल में नियुक्त होने के बावजूद भी एक निजी अस्पताल में सेवा दे रहे हैं इसका शायद चिकित्सा विभाग के उच्च अधिकारियों को भलीभांति पता होगा। लेकिन इस बात को अंधेर नगरी चौपट राजा कहावत कहा जाए तो अच्छा रहेगा।

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