राजस्थान की भाजपा में मचा घमासान पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने आरएलपी को लेकर दिखाएं तेवर

जयपुर, जगदीश कुमावत: राजस्थान की सियासत में कांग्रेस के बाद अब बीजेपी खेमे में हलचल मच गई है। बीजेपी के नेताओं का आरोप है कि अब कांग्रेस उनके विधायकों को प्रलोभन देकर हॉर्स ट्रेडिंग कर रही है। वहीं, जब से राजस्थान बीजेपी की वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपनी चुप्पी तोड़ी है, तब से सियासत में खामोशी व घमासान जारी हो गया है। वसुंधरा राजे ने पिछले तीन दिनों में जेपी नड्डा और राजनाथ सिंह से मुलाकात की इससे लगता है कि वसुंधरा राजे कोई बड़ा निर्णय लेने के मूड में हैं। पिछले कुछ समय से देखा जा रहा है कि जब-जब वसुंधरा राजे केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात करती हैं, उसके बाद कोई बड़ा फैसला होता हुआ नजर आया था। 
इसी संदर्भ में सूत्रों के अनुसार, इस बार भी मुलाकात के दौरान वसुंधरा राजे ने केंद्रीय नेतृत्व को साफ तौर से कह दिया है कि पार्टी को संगठित और मजबूत रखना है तो उनकी बातों को तवज्जो देनी पड़ेगी। वसुंधरा राजे ने केंद्रीय नेतृत्व को साफ तौर से अवगत करा दियाा है कि जिस तरीके से उनको दरकिनार कर कई फैसले लिए जा रहे हैं, वे बिल्कुल पार्टी के हित में नहीं है। बीजेपी के विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि वसुंधरा राजे ने केंद्रीय नेतृत्व को साफ शब्दों में कह दिया है कि आरएलपी के हनुमान बेनीवाल के साथ पार्टी का एलायंस खत्म किया जाए अन्यथा पार्टी बड़ा नुकसान झेलने के लिए तैयार रहे। सूत्रों का यहां तक कहना है कि वसुंधरा राजे ने पार्टी नेतृत्व को यह भी इशारा कर दिया कि जिस तरह से हनुमान बेनीवाल ने उनकी छवि खराब करने के लिए उनके ऊपर कांग्रेस से सांठ.गांठ के आरोप लगाये थे, वो बिल्कुल ना काबिले बर्दाश्त है। इसलिए बीजेपी हनुमान बेनीवाल के साथ गठबंधन तुरंत प्रभाव से खत्म करेए नहीं तो वे पार्टी में नहीं रहेगी। इसके बाद सकते आई पार्टी गठबंधन को लेकर कोई बड़ा फैसला ले सकती है। सूत्रों का कहना है कि आने वाले एक.दो दिन में पार्टी की ओर से कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है, जिसमें खासतौर से यह फैसला शामिल है।

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