पुलवामा कांड के शहीदों के नाम व जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने से सरकार का इन्कार

चंडीगढ़/पंजाब, अमित शर्मा : पिछले वर्ष पूरे देश को हिला देने वाले जम्मू.कश्मीर के पुलवामा आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान अपना सर्वोच्च बलिदान दे गए। लेकिन भारत सरकार ने शहीदों के नाम बताने को तैयार नहीं और ना ही ये बताने को तैयार है कि भारत सरकार ने इन्हें शहीद माना या नहीं। इतना ही नहीं पुलवामा कांड की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने को भी सरकार तैयार नहीं है। आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने बताया कि पिछले वर्ष लोकसभा चुनाव से पहले 14 फरवरी 2019 को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए भयंकर विस्फोट में सीआरपीएफ के 40 जवानों को अपने प्राणों की आहुति देनी पड़ी थी। इस आतंकी कांड से पूरे देश में आक्रोश की लहर दौड़ गई थी। इसी संबंध में उन्होंने 9 जनवरी व 10 जनवरी 2020 के दो अलग-अलग आरटीआई केन्द्रीय गृह मंत्रालय के तहत सीआरपीएफ के महानिदेशक को भेजकर कुल पांच बिन्दुओं की सूचना मांगी थी। सीआरपीएफ महानिदेशालय के डीआईजी (प्रशासन) एवं जन सूचना अधिकारी राकेश सेठी ने अपने जनवरी 2020 के जवाब में मांगी गई सूचना देने से इन्कार कर दिया। सूचना सार्वजनिक ना करने के पीछे कारण बताया कि आरटीआई एक्ट-2005 के अध्याय.6 के पैरा-24(1) के प्रावधानों अनुसार सीआरपीएफ को भ्रष्टाचार व मानवाधिकारों के उल्लंघन के मामलों को छोडक़र अन्य किसी भी प्रकार की सूचना देने से मुक्त रखा गया है। कपूर ने कहा कि सरकार अपनी विफलता को छुपाने के लिए जानबूझकर सूचना सार्वजनिक नहीं कर रही। एक ओर भारत के 40 जवान देश की रक्षा की बलि वेदी पर अपने प्राण न्यौछावर कर गए। लेकिन दूसरी ओर सरकार इनके नाम तक बताने को तैयार नहीं है। कपूर ने कहा कि पुलवामा कांड भ्रष्टाचार व सीआरपीएफ जवानों के मानवाधिकारों के उल्लंघन का सीधा मामला है। इसलिए मांगी गई सूचना से इन्कार नहीं किया जा सकता।
पुलवामा कांड में 40 सैनिकों को भ्रष्टाचार के कारण शहीद होना पड़ा। अगर सुरक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार ना होता तो क्विंटलों विस्फोटक पदार्थ देश में ना आ पाते। बेवजह सीआरपीएफ के जवानों का शहीद होना उनके मानवाधिकारों का भी उल्लंघन है। इसलिए राष्ट्रहित में यह सूचना सरकार को तत्काल सार्वजनिक करनी चाहिए।
ये मांगी थी सूचना पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के सभी जवानों के नामए पदनाम की सूची, 2. इन शहीदों के परिजनों को भारत सरकार द्वारा दी गई समस्त आर्थिक सहायता का ब्यौरा, 3. पुलवामा आतंकी हमले की जांच रिपोर्ट की कॉपी, 4. जांच में दोषी पाए गए अधिकारियों की सूची, 5. पुलवामा हमले में शहीद सीआरपीएफ जवानों को भारत सरकार शहीद मानती है या नहीं।

Share This Post