विंध्य की पहाडि़यों में चोरल-बलवाड़ा के बीच सुरंग बनाने का प्रस्ताव

खरगोन/रतलाम, निर्मल कुमार शर्माः मध्य प्रदेश में विंध्य की पहाडि़यों में चोरल-बलवाड़ा के बीच 10.8 किमी लंबी सुरंग बनेगी। जम्मू कश्मीर की पीर पंजाल पर्वत श्रेणी स्थित काजीकुंड और बनिहाल की तर्ज पर बनने वाली ये सुरंग देश की दूसरी सबसे लंबी सुरंग होगी। अप्रैल 2016 में टनल के लिए फाइनल सर्वे होगा। 2018 तक यह तैयार हो जाएगी। टनल बनने के बाद महू से बलवाड़ा के बीच का सफर 40 मिनट में पूरा हो जाएगा। अभी डेढ़ से दो घंटे लगते हैं। आगे की स्लाइड्स पर हम देश के सबसे बड़े रेल टनल्स के बारे में बताएंगे।

बहरहाल, बता दें कि चोरल-बलवाड़ा के बीच बनने वाली इस सुरंग पर एक हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। 400 करोड़ पहले ही जारी हो चुके थे। जबकि एनटीपीसी ने रेलवे को 487 करोड़ अलग से दिए हैं। महू-मुख्तयारा बलवाड़ा की दूरी 38 किमी है। 15 किमी लंबा ट्रैक डायवर्ट होने पर दूरी 54 किमी होगी। ट्रेन 100 किमी की रफ्तार से दौड़ेगी। डायवर्ट रूट घने जंगलों से गुजरेगा।

इस टनल में ट्रैक के दोनों ओर पाथवे, एक्जास्ट फैन, इमरजेंसी के लिए टेलीफोन व्यवस्था भी रहेगी। इसके अलावा टनल में सोलर सिस्टम से विद्युत व्यवस्था और सुरक्षा के उपकरण भी रखे जाएंगे। पश्चिम रेलवे के मुताबिघ् सुरंग का काम दूसरे चरण में शुरू होगा। निर्माण में डेढ़ से दो साल लगेंगे। यह देश की दूसरे नंबर की टनल तो होगी ही। दुनिया के गिने-चुने सबसे लंबे रेलवे टनल में भी शुमार हो जाएगी।

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