योग कला और विज्ञान दोनों, इसमें मानवता की भलाई की शक्तिः राष्ट्रपति

योग कला और विज्ञान दोनों, इसमें मानवता की भलाई की शक्तिः राष्ट्रपति

 

 

नई दिल्ली। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने रविवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर कहा कि योग कला के साथ विज्ञान भी है और यह मानवता की भलाई की उपचारात्मक और निवारक शक्तियां रखता है।
मुखर्जी ने राष्ट्रपति भवन में एक विशाल योग कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि योग आधुनिक जीवनशैली से संबंधित तनावों एवं परेशानियों की रोकथाम और उनसे बचाने में मदद कर सकता है।
राष्ट्रपति ने कहा, योग कला के साथ ही एक विज्ञान भी है। इसमें मानवता की भलाई से संबंधित और आधुनिक जीवनशैली से संबंधित तनावों एवं अवसादों के प्रबंधन की उपचारात्मक शक्तियों के साथ ही निवारक शक्तियां भी हैं। मुखर्जी ने इस मौके पर अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत योग का घर है। यहां सदियों से अधिक समय से योग किया जाता आ रहा है।
राष्ट्रपति ने इस बात पर खुशी जाहिर की कि राष्ट्रपति भवन के कई बाशिंदे अर्से से योगाभ्यास कर रहे हैं और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस उत्सव में जोशोखरोश के साथ शामिल हुए। राष्ट्रपति भवन के करीब 1,000 निवासियों और स्टाफ ने विशाल योग सत्र में भाग लिया। योग सत्र कार्यक्रम मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योग के सहयोग से आयोजित किया गया था। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारी के लिए राष्ट्रपति भवन के बाशिंदों के लिए एक से 20 जून, 2015 तक योग कक्षाएं चलाई गई थीं।

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