जूनागढ़ से शेरों को लेने रवाना हुई सफारी पार्क के अधिकारियों की टीम

जूनागढ़/गुजरात, हार्दिक हरसोरा  : इटावा. गुजरात के जूनागढ़ से सात शेर शेरनी लेने के लिए इटावा सफारी पार्क से एक दर्जन अधिकारियो कमिर्यो की एक टीम रवाना हो गई है। इटावा सफारी पार्क के उपनिदेशक सुरेश चंद्र राजपूत ने बताया कि शेरों को लाने के लिए सुबह 6 बजे इटावा सफारी से टीम रवाना की गई। इसमें गोरखपुर में निर्माणाधीन जू के अधिकारी भी साथ गए हैं। इस टीम में सफारी के रेंज आफीसर विनीत सक्सेना, डा. गौरव श्रीवास्वत, डा. पीके वर्मा, बायोलाजिस्ट आरबी उत्तम के साथ कीपर भी शामिल हैं।

उन्होने बताया कि जूनागढ टीम 26 सितम्बर को शेर. शेरनी को लेकर वापस इटावा सफारी पहुंचेगी। शेरों को सड़क मार्ग से लाया जाएगा। इन्हें दो स्थानों पर रोककर रात्रि विश्राम भी कराया जाएगा।

उन्होने बताया कि गुजरात व यूपी सरकार में इन शेरों को लेकर पहले ही सहमति बन गई थी। पहले जून में इन्हे इटावा लाने की योजना थी लेकिन अत्याधिक गर्मी होने के कारण यात्रा को स्थगित कर दिया गया था। अब मौसम में परिवर्तन आने के बाद शेरों को लाए जाने की योजना को अमली जामा पहनाया जा रहा है। इन शेरों को गुजरात से राजस्थान के रास्ते इटावा लाया जाएगा।

सफारी में इन शेरों को सुरक्षित रखे जाने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होने बताया कि शेरों को लेकर आने में रास्ते में तीन दिन का समय लगेगा। इस बीच जयपुर व उदयपुर में चिड़ियाघरों में शेरों के साथ यह टीम विश्राम करेगी। इस संबंध में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। दोनों चिड़ियाघरों के अधिकारियों को भी सूचना दे दी गई है।

उन्होंने बताया कि गुजरात के जूनागढ़ से जो शेर इटावा सफारी लाए जा रहे हैं। इन्ही में से तीन शेरों को गोरखपुर में निर्माणाधीन जू में ले जाया जाएगा। गोरखपुर जू बनने में अभी समय है।
गोरखपुर जू बनने में अभी समय है। तब तक इन शेरों को इटावा सफारी में रखा जाएगा और उन्हे यहां के माहौल में रहने का अभ्यस्त बनाया जाएगा। इसके लिए ब्रीडिंग सेंटर व अन्य स्थानों को तैयार कर लिया गया है, जहां इन शेरों को रखा जाना है। सफारी में तैनात कीपर पहले भी जूनागढ़ जाकर इन शेरों के साथ रह चुके हैं।

इटावा सफारी पार्क का उद्घाटन किया जा चुका है और अब इसे अक्टूबर के पहले सप्ताह में वन्यजीव सप्ताह में पर्यटकों के लिए खोले जाने की तैयारी चल रही है। इस संबंध में काफी काम भी हो चुका है। सांसद डा. राम शंकर कठेरिया ने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी को 2 अक्टूबर को इटावा आकर सफारी खोलने का अनुरोध करते हुए पत्र लिखा है। इसके साथ ही इसका नाम पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी बाजपेई के नाम पर अटल लॉयन सफारी रखे जाने का भी अनुरोध किया गया है। सफारी को मिनी जू का जो लाइसेंस दिया गया था उसका भी रिन्यूवल किया जा चुका है।

गुजरात से जिन सात शेर. शेरनी को लाया जा रहा है उनमें से चार को गोरखपुर में बनने वाले जू में भेजा जाएगा। जबकि तीन इटावा सफारी में ही रहेंगे। फिलहाल सफारी में 6 शावक तथा 5 शेर .शेरनी मौजूद हैं। अब तीन और शेरनी के आ जाने से इनकी संख्या 14 हो जाएगी। यहां शेरनी को रोका जाएगा ताकि सफारी में शेरों को कुनबा बढ़ाए जाने में मदद मिल सके। फिलहाल सफारी में जो 6 शावक हैं उन सभी को शेरनी जेसिका ने ही जन्म दिया।

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