इंदौर में मोतियाबिंद के पीड़ितों के इलाज में कोई कोर-कसर नहीं रखी जाएगी, 3 मरीज चेन्नई जाएंगे

इन्दौर/नगर संवददाता : इन्दौर। इंदौर में मोतियाबिंद पीड़ितों के इलाज में कोई कोर कसर नहीं रखी जाएगी। मुख्यमंत्री कमलनाथ भी इस घटना से चिंतित हैं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि मरीजों को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए देश के प्रख्यात चिकित्सक डॉ. राजीव रमण ने चोईथराम नेत्रालय में उपचार शुरु कर दिया है। 3 गंभीर मरीजों को सोमवार को उपचार लिए शासकीय खर्च पर वायुयान द्वारा शंकर नेत्रालय चेन्नई भेजा जाएगा।

उक्त जानकारी स्वास्थ्य मंत्री तुलसीराम सिलावट ने दी। उन्होंने चोईथराम नेत्रालय पहुंचकर मोतियाबिंद पीड़ितों से चर्चा करके उनका हाल-चाल जाना और परिजनों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। डॉ. राजीव रमण 4 दिन तक इन्दौर में ही रहकर मरीजों का उपचार करेंगे। उनके द्वारा 4 मरीजों का ऑपरेशन इंदौर में ही किया जाएगा।

कड़ी कार्यवाही होगी : सिलावट ने कहा कि मोतियाबिंद का ऑपरेशन करने वाले अस्पताल तथा घटना से जुड़े चिकित्सक एवं लापरवाही बरतने वाले सभी जिम्मेदारों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

जिला अंधत्व निवारण समिति के प्रभारी डॉ. होरा निलम्बित रू सिलावट ने प्रारंभिक स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिला अंधत्व निवारण समिति के प्रभारी डॉ. टी.एस. होरा को तत्काल निलम्बित करने के निर्देश संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी को दिए।

उन्होंने इंदौर तथा धार के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों और अंधत्व निवारण कार्यक्रम के राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी को कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश दिए।
साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि मोतियाबिंद ऑपरेशन में लगने वाली सामग्री देने वाले संस्थान का लायसेंस तत्काल निरस्त किया जाए। संबंधित अस्पताल को आज से कुछ वर्ष पूर्व इसी तरह की हुई घटना के बाद लायसेंस देने वाले अधिकारी के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाए।

इन्दौर आई हॉस्पिटल की जमीन की लीज होगी निरस्त : सिलावट ने कहा कि इन्दौर आई हॉस्पिटल को आवंटित शासकीय जमीन की लीज निरस्त की जाए। दोषियों को किसी भी हालत में बक्शा नहीं जाएगा। सभी संबंधित दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी : स्वास्थ मंत्री ने पीड़ितों तथा परिजनों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार घटना के प्रति बेहद गंभीर है। मरीजों को बेहतर से बेहतर इलाज कराया जाएगां इलाज का पूरा खर्च राज्य शासन द्वारा वहन किया जाएगा। मरीजों तथा उनके परिजनों के खानेए रहने की पूरी व्यवस्था की जाएगी।
दो स्तरों पर होगी जांच : सिलावट ने बताया कि घटना की गहनता एवं सुक्ष्मता से जांच, दो स्तरों पर कराई जाएगी। प्रशासनिक संबंधी लापरवाही की जांच संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी के नेतृत्व में तथा चिकित्सकीय लापरवाही की जांच मेडिकल कॉलेज इंदौर की डीन डॉ. ज्योति बिंदल के नेतृत्व में होगी। इसके आधार पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।

3 मरीज वायुयान से चेन्नई भेजे जाएंगे : डॉ. राजीव रमण ने रविवार को सभी मरीजों का परीक्षण किया। डॉक्टरों से मंत्रणा के पश्चात यह निर्णय लिया गया कि कुल 11 मरीज़ों में से 4 की तत्काल सर्जरी शुरू की गई है। साथ ही 3 मरीजों को उनके अटेंडेंट के साथ चेन्नई भेजा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का एक अधिकारी भी मरीजों के साथ जाएगा। इन्हें सोमवार की फ्लाइट से चेन्नई

भेजा जाएगा। अन्य 4 मरीजों को ऑब्जर्वेशन में रखा गया है।

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