64 साल से लड़ रहे राजस्थान और गुजरात के दो गांव, फिर भी नहीं हुआ फैसला

गुजरात/गांधीनगर, हार्दिक हरसौरा : दोनों राज्यों की सीमा पर 200 बीघा जमीन का मसला

. हर साल की तरह बुआई को लेकर फिर पनपा विवाद कोटड़ा (उदयपुर)। राजस्थान एवं गुजरात के बीच सीमा विवाद को लेकर कोटड़ा में फसल बुआई के समय झगड़े की स्थिति पैदा होती है। जमीनी हक को लेकर ग्रामीण थाने से लेकर कोर्ट के चक्कर सालों से लगा रहे हैं। विवाद दोनों राज्यों के दो गांवों के बीच 200 बीघा जमीन का है, जो 64 सालों से बरकरार है। हर साल बरसात के बाद बुआई को लेकर दोनों पक्ष जमीन पर पहुंचते हैं और तनाव बढ़ जाता है।
विवाद राजस्थान में उदयपुर जिले की कोटड़ा तहसील के बाखेल पंचायत के झांझर गांव के क्यारिया फला और गुजरात के साबरकांठा जिले की पोशिना तहसील के कालीकांकर पंचायत के गवरी फला गांवों का है। विवाद महज इन गांवों का नहीं, बल्कि दोनों राज्यों का है।

यों शुरू हुआ विवाद
सेटलमेंट के समय (वर्ष 1955 में) जमीन खाते की जा रही थीए तब राजस्थान सरकार ने झांझर गांव के लोगों के हक में जो जमीन आई, वह दे दी। वर्ष 1958-59 में जब गुजरात का भूमि सेटलमेंट हुआ, गुजरात के किसानों को भी इसी जमीन का हक दे दिया गया। इसके बाद से ही दोनों गांवों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया। दोनों गांवों के किसान अपना हक जताने लगे। लिहाजा 1955 में पनपा विवाद अब तक जारी है।

22 साल पहले मंथन
विवाद सुलझाने के लिए वर्ष 1997 में गुजरात.राजस्थान के अधिकारी और पुलिस मांडवा में एकत्र हुए थे। उस समय दोनों गांवों के किसानों को पाबंद किया गया था। विवाद नहीं मिटने तक बुवाई नहीं करने को कहा। इसके 17 साल बाद 2014 में गुजरात के किसानों ने विवादित जमीन पर खेती शुरू कर दी। दोनों पक्ष आमने.सामने हो गए। घटना 8 अगस्त 2014 की है, जब दोनों पक्षों में लाठी-भाटा, तीर-कमान से जंग हुई। गोलियां भी चली,
कई लोग घायल हुए।
भेज रखे हैं 14 प्रकरण
राजस्थान-गुजरात सीमा विवाद उच्चस्तरीय मामला है। कोटड़ा तहसील से जमीन विवाद के कुल 14 प्रकरण उदयपुर कलेक्ट्रेट भेज रखे हैं। पूर्व में दोनों राज्यों के अधिकारियों की बैठक भी हुई, जिनका समाधान अभी नहीं हुआ है।
भाणाराम मीणा, तहसीलदार, कोटड़ा

अलग-अलग राज्य जब बनते हैं, तो एेसे कई भूमि विवाद रह जाते है, इन विवादों को पूरा समझने के बाद ही दूर किया जा सकता है। जल्द ही मामला समझने के बाद इस पर निर्णय लेंगे।

विकास एस भाले, संभागीय आयुक्त, उदयपुर
दोनों राज्यों के बीच सीमा विवाद पुराना है। दोनों तरफ आदिवासी लोग हैं। झगड़े के बाद नुकसान भी होता है। मुद्दा विधानसभा में उठा चुका हूं। दोनो राज्यों की सरकारें सीमा तय करके विवाद को सुलझा सकती है।

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