कठुआ रेप और मर्डर केस में सजा का ऐलानए 3 दोषियों को उम्रकैद

बैल्लारी/कर्नाटक, जोगाराम चैधरीः कोर्ट जनवरी 2018 में 8 साल की बच्ची को अगवाकर उससे रेप और फिर उसकी हत्या कर दी गई थी। जिला और सत्र न्यायाधीश ने आठ आरोपियों में से सात के खिलाफ दुष्कर्म और हत्या के आरोप तय किए थे।
जम्मू कश्मीर के कठुआ में बंजारा समुदाय की आठ साल की बच्ची के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के मामले में विशेष अदालत ने सजा का ऐलान कर दिया। 3 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। सांझीराम, दीपक खजुरिया, प्रवेश कुमार को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। 3 अन्य आरोपियों को 25 साल की सजा सुनाई गई है। न्यायालय ने दोषियों को 2 धारेआओं में 50.50 हजार और 1 लाख का जुर्माना लगाया है। 3 अन्य आरोपियों को 25 साल की सजा सुनाई गई है। दीपक, सांझी और प्रवेश पर एक-एक लाख का जुर्माना लगाया है। वकील ने बताया कि तीनों आरोपियों को सामूहिक बलात्कार के आरोपों में 25 वर्ष कैद की भी सजा सुनाई गई है। साक्ष्यों को नष्ट करने के लिए पुलिस उपनिरीक्षक आनंद दत्ता, हेड कांस्टेबल तिलक राज और विशेष पुलिस अधिकारी सुरेन्दर वर्मा को पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई गई।
इससे पहले, पठानकोट की स्पेशल कोर्ट ने सात में से 6 आरोपियों को दोषी करार दिया था। 6 दोषियों के नाम सांझी राम, दीपक खजूरिया, आनंद दत्ता, तिलक राज, सुरेंद्र और प्रवेश हैं। वहीं कोर्ट ने विशाल जंगोत्रा को मामले से बरी कर दिया। मामले में दोषी ठहराए गए 6 आरोपियों में से 4 पुलिसकर्मी हैं। सांझी राम ग्राम प्रधान था। दीपक खजूरिया और सुरेंद्र विशेष पुलिस अधिकारी हैं। तिलक राज हेड कांस्टेबल है और आनंद दत्ता एसआई है। 3 जून को कोर्ट में सुनवाई पूरी हुई थी।
15 पन्नों के आरोपपत्र के अनुसार पिछले साल 10 जनवरी को अगवा की गयी आठ साल की बच्ची को कठुआ जिले के एक गांव के मंदिर में बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। उसे चार दिन तक बेहोश रखा।

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