मप्र: किसानों का 12 दिसंबर तक का कर्ज होगा माफ

मध्यप्रदेश, हार्दिक हरसौरा : कैबिनेट की बैठक में कर्जमाफी योजना को मिली मंजूरी, 35 लाख किसानों को फायदा…राष्ट्रीयकृत, सहकारी और ग्रामीण बैंकों में 26 जनवरी तक गुलाबी, सफेद और हरे रंग के फॉर्म मिलेंगे। 5 फरवरी तक ये फॉर्म पंचायतों में भी बांटे जाएंगे 22 फरवरी से खातों में जमा की जाएगी रकम, इनकम टैक्स भरने वालों को राहत नहीं। पहले राज्य सरकार ने किसानों का 31 मार्च 2018 तक का कर्ज माफ करने का ऐलान किया था। भोपाल. मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों की कर्जमाफी योजना को मंजूरी दे दी है। शनिवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में फैसला किया गया कि किसानों का 1 अप्रैल 2007 से 12 दिसंबर 2018 तक का कर्ज माफ किया जाएगा। 26 जनवरी तक तीन तरह के फाॅर्म सभी राष्ट्रीयकृत, सहकारी और ग्रामीण बैंकों में उपलब्ध कराए जाएंगे। 5 फरवरी तक ग्राम पंचायतों में ये फाॅर्म बांटे जाएंगे। पहले 31 मार्च 2018 तक का कर्ज माफ करने का ऐलान किया गया था। ताजा फैसले से 35 लाख किसानों को फायदा मिलेगा। हालांकि, आयकर भरने वाले किसानों (जिनके आय के दूसरे स्रोत भी हैं और टैक्स भरते हैं) का कर्ज माफ नहीं होगा। कैबिनेट की बैठक के बाद मंत्री जीतू पटवारी ने बताया कि इसमें सीमांत और लघु किसानों को शामिल किया गया है। कर्जमाफी योजना पर अमल के लिए विकास खंड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिम्मेदार होंगे। 22 फरवरी से ऋण मुक्ति के प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे और किसानों के खाते में पैसा भेजा जाएगा। बैंकों में लगाई जाएगी कर्जमाफी के पात्र किसानों की सूचियां: किसानों का 1 अप्रैल 2007 से 12 दिसंबर 2018 तक का कर्ज माफ होगा। 26 जनवरी तक गुलाबी, सफेद और हरे रंग के फाॅर्म सभी राष्ट्रीयकृत, सहकारी और ग्रामीण बैंकों में उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही कर्जमाफी के पात्र किसानों की सूची भी संबंधित बैंक के बाहर लगाई जाएंगे। इसके साथ ही कर्जमाफी के पात्र किसानों की सूची भी संबंधित बैंक के बाहर लगाई जाएगी। 26 जनवरी से किसानों को किसी एक रंग का फॉर्म भरना होगा। हरा फॉर्म आधार से लिंक किसानों के लिए होगा। सफेद फॉर्म बिना आधार संख्या वाले किसानों के लिए होगा, लेकिन इन्हें पहचान-पत्र के तौर पर कोई दूसरा दस्तावेज देना होगा। गुलाबी फॉर्म उन किसानों के लिए होगा जिनके पास ना तो आधार है ना ही कोई अन्य पहचान का दस्तावेज। उन्हें भी कर्जमाफी में शामिल किया जाएगा। इसके बाद 5 फरवरी तक ग्राम पंचायतों में ये फाॅर्म बांटे जाएंगे। 22 फरवरी से किसानों के खाते में पैसा दिया जाएगा और ऋण मुक्ति के प्रमाणपत्र बांटे जाएंगे। कर्जमाफी में लघु, सीमांत किसानों को प्राथमिकता मिलेगी। कैबिनेट में ये फैसले भी हुए…ग्वालियर व्यापार मेला में रोड टैक्स पर 50% छूट का प्रस्ताव मंजूर। 12 से 15 हजार करोड़ रुपए के प्रथम अनुपूरक बजट पर चर्चा हुई। सामाजिक सुरक्षा पेंशन 300 से 1000 रुपए करने पर विचार। इस पर 1200 करोड़ रुपए हर साल का खर्च अनुमानित। संबल योजना के तहत हितग्राही को 1 रुपए/यूनिट की दर से 100 यूनिट तक बिजली देना प्रस्तावित।

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