वेद मंत्रों के सुरस्वर ज्ञान से विचारों की शुद्धी होती हैं: साध्वी अदिति भारती

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दिल्ली, अरविंद यादव : दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से सी.बी.डी. ग्राउंड, लीला होटल के सामने, शाहदरा, दिल्ली में श्रीमद देवी भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का समापन हवन यज्ञ से किया गया जिसमें संस्थान के संस्थापक एवं संचालक सर्व श्री आशुतोष महाराज जी के वेदा आचार्य जी ने हवन कुंड में आहुति डालकर हवन यज्ञ शुरू किया। इस अवसर पर कथा व्यास साध्वी अदिति भारती जी ने बताया की यज्ञ एक सनातन वैदिक परम्परा हैं जिसमें वेद मंत्रो के उच्चारण के साथ-साथ बहुत सी शुभ सामग्री का होम किया जाता है। भारतीय संस्कृति में यज्ञ पद्धति का बहुत महत्व हैंं। यज्ञ पद्धति पूर्णतः विज्ञा सम्पत है। साध्वी जी ने आगे बताया कि प्राचीन काल में जो ऋषि.मुनि थे वे शारीरिक, मानसिक व अध्यात्मिक लाभ के लिए यज्ञ किया करते थे। शारीरिक लाभ यह की व्यक्ति के शरीर को लगने वाले भयंकर रोग शुद्ध वायु के सेवन से दूर हो जाते थे। उन्होंने कहा कि मानसिक लाभ यह मिलता कि वेद मन्त्रों के सुरस्वर ज्ञान से विचारों की शुद्धी होती है। एक ब्रह्मनिष्ठ संत कृपा से हमारे ही अन्तः करण में ईश्वर के प्रकाश को प्रतिपादित करते है, हवन यज्ञ हमें यही संदेश देता है।

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