दिल्ली में होने वाली धर्म संसद से पहले यहां जुटे दुनियाभर से लाखों मुसलमान

बुलंदशहर, खेताराम चौधरी : दिल्ली में 9 दिसबंर को राम मंदिर निर्माण को लेकर हिंदू धर्म गुरुओं समेत विश्व हिंदू परिषद, आरएसएस की तरफ से धर्म संसद का आयोजन किया जाएगा। वहीं यूपी के बुलंदशहर में धर्म संसद से पहले लाखों मुसलमान देश में अमन शांति की दुआ के लिए आलमी तब्लीगी इज्तमा में जुट रहे है। यहां 1 से 3 दिसंबर तक चलने वाले तीन दिवसीय आलमी तब्लीगी इज्तमा के दूसरे दिन धर्म गुरुओं के साथ-साथ लोग पहुंचे है। तीन दिनों तक चलने वाले तब्लीगी इज्तमा के आगाज के साथ ही आयोजन सथल पर खुद की रजा और देश में अमच चैन की दुआ के लिए देश विदेश से लाखों अकीदममंदोे का सैलाब उमड़ पड़ा है। इस दौरान देवबंद के उलेमा ने दीन की रोशनी फैलाने के साथ आपसी भाईचारे का पैगाम दिया। वहीं पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के बताए रास्ते पर चलने की अपील लोगों से की गई। दरियापुर अढ़ौली गांव में फजर की नमाज के बाद में उलेमा के बयानात हुए। इज्तमा के दौरान युसूफ कंधालवी और असर की नमाज के बाद हजरत मौलाना साद, मगरीब की नमाज के बाद आलमी, हजरत और मौलाना साद ने कंधावली ने तालीम दी। वहीं दूसरे देशों से आने वाली जमातों व महमानों के इस्तकबाल में कोई कसर बाक़ी न रहे उसके लिए प्रयास किये जा रहे हैं। इज्तमा में बहतरीन बैठने के इंतजाम किए गए है। अस्थाई मस्जिद, साफ़ पीने का पानी, साफ़ सुथरे शौचालय व खानों के निर्माण और सर्दी व बरसात से बचने के लिए टैंट का इंतज़ाम किया गया है। डीएम का कहना है कि कार्यक्रम के लिए 5 लाख लोगों की लिखित परमिशन आयोजकों की तरफ से ली गई है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए है। तब्लीगी इज्तमा में देशभक्ति की लहर भी दिखाई दे रही है। देेशभर के मुस्लिम देश में अमन शांति की दुआ के लिए हाथों में तिरंगा और देशभक्ति के नारे लगाते हुए कार्यक्रम स्थल पर पहुंच रहे है। तबलीगी इज्तमा मेंं एक तरफ जहां देशभर से 5 लाख से ज्यादा मुसलमान पहुंच चुके है। वहीं अभी आना लगा हुआ है। देश के साथ-साथ विदेशी भी इज्तमा में शामिल हुए है। हजारों लोग तिरंगा लेकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे है। 2 हजार से ज्यादा जोड़े होंगे एक-दूसरे के…तब्लीगी इज्तमा में करीब 2200 जोड़े का निकाह बगैर दहेज के कराया जाएगा। यह समाज में एक मिसाल होगी। निकाल के लिए सभी जोड़ो का पंजीकरण कराया जा चुका है। मौलाना उवैश, ताहिर, उस्मान आदि ने बताया कि इज्तमा का उद्देश्य बुराई का रास्ता छोड़कर अच्छाई के रास्ते पर ले जाना है। साथ ही समाज में फैली कुरीतियों को दूर करना व लोगों को जागरुक करना है। यहीं वजह है कि इज्तमा के दौरान बगैर दहेज के शादी कराकर एक मिसाल समाज को दी जा रही है।

 

Share This Post

Post Comment