9 पंचायतों को खाते सीज करने का नोटिस, पराली जलाने की वजह पूछी

सिरसा, शशिकांत : हरियाणा के सिरसा शहर में अपने गांव में पराली जलाने से रोकने में असफल हुई 9 ग्राम पंचायतों के खिलाफ डीसी प्रभजोत सिंह ने गुरुवार को नोटिस जारी करते हुए उनके खाते सीज करने की चेतावनी दी। अब इन पंचायतों के सरपंचों को 2 दिन में कारण बताना होगा। अगर अपने कारण में डीसी को संतुष्ट नहीं कर पाए तो इन सभी पंचायतों के खाते अगले 6 महीने के लिए सील कर दिए जाएंगे। इसके अलावा जिला की करीब 150 पंचायतों को भी भविष्य के लिए सचेत रहने की चेतावनी जारी की गई है। डीडीपीओ प्रीतपाल सिंह ने बताया कि जिला की 9 पंचायतों के अंर्तगत आने वाली भूमि में भारी मात्रा में पराली जलाने के केस दर्ज हुए हैं। बाकी की संख्या दस या इससे कम हैं। इसलिए उन 9 पंचायतों को खाते सीज करने का नोटिस नहीं दिया गया है। यहां बता दें कि अगर इन 9 पंचायतों के खाते सील होते हैं तो गांव में विकास कार्य के लिए फंड का लेन देन सरंपच नहीं कर पाएंगे। जिससे गांव के विकास कार्य अगले 6 माह तक प्रभावित हो जाएंगे। अब तक एक पटवारी, सरपंच, एक ग्राम सचिव और नंबरदार के खिलाफ हो चुकी है कार्रवाई। प्रशासन की सख्ती के चलते जिला में पराली जलाने की बढ़ती संख्या को देखकर डीसी प्रभजोत सिंह ने अब सख्त रवैया अपना रखा है। जहां डीसी खुद निरीक्षण कर रहे हैं। वहीं इस मामले में अनदेखी और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ भी एक्शन लिया जा रहा है। अब तक एक पटवारी, करीवाला का सरपंच, नंबरदार और ग्राम सचिव को सस्पेंड किया जा चुका है। ये कहती है हरसेक की रिपर्ट : जिला में कुल 159 गांव के 1500 से अधिक किसानों ने जलाई पराली हरसेक की रिपोर्ट अनुसार अब तक सिरसा जिला के 159 गांव में पराली जलाने के मामले सामने आए हैं। जिला प्रशासन ने बेशक नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशानुसार पराली जलाने पर बैन लगा रखा है, लेकिन सिरसा जिला में पिछले एक माह के दौरान 1500 से अधिक स्थानों पर पराली जलाई गई है। पटवारी के रिकार्ड का मिलान करके 1150 से अधिक किसानों की पहचान कर ली है। उनको नोटिस जारी करके जुर्माना किया गया है। अब तक 30 लाख रुपये के करीब जुर्माना लगाया जा चुका है। जिनमें से 700 के करीब किसानों से साढे 16 लाख रुपये वसूल लिए हैं।

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