भविष्या निधि (प्रोविडेंट फंड) कार्यालय, जम्मू बना भ्रष्टाचार का अड्डा

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जम्मू कश्मीर, तरसेम भगत : निजी क्षेत्र कर्मचारी वर्ग पता नही कैसे खून पसीना एक कर के बड़ी मुश्किल से दो वक्त की रोटी जुटा पता है ओर दूसरी तरफ जम्मू-कश्मीर प्रोविडेंट फंड विभाग ग़रीबों का खून चूसने में लगा हुआ है। कर्मचारी वर्ग को अपने बुरे वक़्त के लिए भविष्य निधि के रूप में जमा की हुई राशि को निकलवाने के लिए बड़ी मशक्त करनी पद रही है। जम्मू प्रोविडेंट फंड कार्यालय के लोग इसके लिए कर्मचारी से अपनी ही जमा राशि निकलवाने के लिए खुलेआम रिश्वत माँगी जाती है। विभाग के लोगों ने मजदूरों के पैसे में 10%-15% की पक्की हिस्सेदारी रखी है। यदि कोई रिश्वत नही देता तो उसके साथ टालमटोल करते रहते हैं। वैसे तो ये विभाग कर्मचारियों को माँग पत्र भरने के तीन महीने में ही उनका पैसा देने का दावा करता है पर जो रिश्वत देता है उनको एक महीने में ही उनका पैसा दे दिया जाता है ओर जो रिश्वत नही देता उनको लगातार टाला जाता रहता है। काईओं को 4-5 साल में भी उनका पैसा नही मिला। विभाग के लोग खुलेआम कहते हैं कि जहाँ मर्ज़ी शिकायत करो ओर यदि कोई ऊपर के अफसरो के पास शिकायत लेकर भी जाता है हो वहाँ पे भी निराशा ही हाथ लगती है। फाइल गुम होने ओर माँग पत्र में ग़लती होने  का बहाना तो आम बात है। कर्मचारी  को 2-3 साल बाद उसके माँग पत्र फॉर्म मे ग़लती होने का बहाना लगाकर ओर ये कहकर कि फिर से फॉर्म भर के लाओ, टाल दिया जाता है ओर कर्मचारी के लिए ये बड़ी समस्या होती है कि कभी कोई कंपनी बाहर की होती है ओर वो अपनी यूनिट बंद कर गई होती है, ऐसे में कर्मचारियों को बड़ी मुसीबत होती है, ये सब विभाग के लोग अच्छी तरह से जानते हैं। कई तो कोई रास्ता ना मिलने पर अपना थक-हार कर उम्‍मीद ही छोड़ देते है।

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