ठाणे में बिहारी शख्स को देखते ही टूट पड़े मनसे कार्यकर्ता

मुंबई, नजीर मुलाणी : ठाणे गुजरात में उत्तर भारतीयों को बाहर निकाला जा रहा है। इस मामले से सारा देश सुलग रहा है। लेकिन अब इसकी आंच मुंबई तक पहुंचनी लगी है। मुंबई से सटे ठाणे में एक विवादित मामला सामने आया है। यहां पर एमएनएस के कार्यकर्ताओं ने एक बिहारी व्यक्ति की पिटाई कर दी। युवक पर आरोप लगा है कि उसने छोटी लड़की के साथ छेड़छाड़ की है। इस बात का पता चलते ही एमएनएस कार्यकर्ताओं ने पुलिस बुलाने की बजाय मीडिया के सामने ही शख्स को बुरी तरह से पीटना शुरु कर दिया। बताया जा रहा है कि जिस शख्स पर छेड़छाड़ का आरोप लगा है, उसकी उम्र 52 साल है। इस संबंध में ठाणे के एमएनएस जिला अध्यक्ष अविनाश जाधव का कहना है कि ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही है। यहां से पहले ऐसी घटना गुजरात में हुई, नवी मुंबई में हुई फिर यहां हुई। ये सब लोग यूपी, झारखंड और बिहार से आते हैं और यहां आकर गंदगी फैलाते हैं। बता दें कि गुजरात के साबरकांठा मे ऐसी ही वारदात में बिहारी युवक के शामिल होने पर स्थानीय लोगों ने उन्हें वहां से भगाना शुरू कर दिया है। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम ने तो सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। जवाब में राज्य के वरिष्ठ मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने सभी को भारतीय संविधान की याद दिलाई है। बहरहाल, आज एमएनएस झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश से आये मजदूरों पर बलात्कारी होने का आरोप लगा रही है, लेकिन मुंबई में बलात्कार की वारदातों को याद करें तो सबसे पहले पुलिस हवलदार सुनील मोरे का नाम जेहन में उभरता है। मतलब ये कि आरोपी की कोई निश्चित भाषा और जाति धर्म नहीं होता वो सिर्फ आरोपी होता है।

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