ज़ीटेक मैनेजमेंट एंड मार्केटिंग, रांची के घोटाले का चौंका देने वाला सच

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रांची, राकेश कुमार : ज़ीटेक मैनेजमेंट एंड मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड, रांची के मालिक मनदीप सिंह, मजबूर और बेबस बेरोजगार लोगों को नौकरी देने के नाम पर उनसे 3000/- से 6000/- रु तक लेते हैं। उन लोगों से यह कहा जाता है कि यह रकम 1-3 महीने के बाद वापस हो जाएगी। जब वह ऑफिस आता है तो वहां उसके साथ मानसिक उत्पीड़न होता है। वहां उसे हमेशा नीचा और कमजोर दिखाया जाता है। यह सब इसलिए होता है कि वह अपना आत्मविश्वास खो दे और अपने आत्मसम्मान के लिए नौकरी छोड़ दे जिससे उन्हें जमा राशि वापस न करनी पड़े। इस कंपनी में डाटा एंट्री, हैंड रिटेन, टेली कॉलर, एच आर एग्जीक्यूटिव, बी.डी.एम. प्रोफाइल के लिए सिलेक्शन किया जाता है। इन सब में बी.डी.एम. को 6000/- रु जमा करने होते है जबकि दूसरों से 3000/- रु जमा करवाये जाते है। यह राशि 3-1 महीने क्रमानुसार के बाद वापस होती है। वहां लोगों को यह बताया जाता है कि डाटा एंट्री, हैंड रिटेन का काम सरकार उन्हें देती है लेकिन सच्चाई यह है कि वे लोग ‘सुबोध ज़ेरॉक्स’ के साथ साठ गांठ कर लोगों को उपलब्ध करवाते हैं। सर्कार, डाटा एंट्री, हैंड रिटेन ज़ीटेक मैनेजमेंट एंड मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड को देती ही नहीं, मनदीप सिंह का कहना है कि ज़ीटेक का मेन ऑफिस देहरादून में है जबकि देहरादून में ज़ीटेक का कोई ऑफिस है ही नहीं वे कहते हैं कि अकेले रांची में ही ज़ीटेक के 4 ब्रान्चेज़ है लेकिन सच्चाई यह है कि रांची में ज़ीटेक के 3 फ्रेंचाइज़ी है। इस कंपनी में टेली कॉलर्स के साथ साथ डिप्टी एच. आर. एग्जीक्यूटिव, डिप्टी एच. आर. और एच. आर. मैनेजर्स को भी कॉलिंग करनी पड़ती है। बात यहीं ख़त्म नहीं होती। सभी को हर दिन कम से कम 2 बन्दों को कन्विंस कर के ऑफिस में बुलवाना पड़ता है। ऐसा न होने पर काम करने वाले कर्मचारी को बहुत भला बुरा कहा जाता है। उसे अपमानित किया जाता है। उसके साथ अमानवीय व्यव्हार किया जाता है। जो इन सबका सामना नहीं कर पाते, वह नौकरी छोड़ देते हैं जिससे उन्हें उनका पैसा वापस नहीं मिलता। ज़ीटेक हर उन लोगों से 500/- रु लेता है जो वहां काम करना चाहते हैं।

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