पत्रकार को धमकी देने वाले आरोपी को नहीं पकड़ रही पुलिस

बाड़मेर, अम्बाराम : बाड़मेर जिले की समदड़ी मे पत्रकार को  धमकी देने वाले को समदड़ी पुलिस नही कर रही गिरफ्तार
एक ओर सरकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को स्वतंत्रता देने के लिए कानून बनाने के दावा कर सुरक्षा देने की मशक्कत कर रही है पर जिनके कंधों पर सुरक्षा देने का दारोमदार है वे खुद पत्रकार पर हमले के मामले में कुम्भकर्ण बने हुए है। मामला बाड़मेर जिले के समदड़ी कस्बे का है। एक राष्ट्रीय समाचार चैनल में काम करने वाले पत्रकार का है। दूसरों के दुख में आवाज उठाने वाले पत्रकार खुद अपने न्याय के लिए समदड़ी पुलिस की चौखट पर एड़िया रगड़ रहे है पर पुलिस अब आया ऊंट पहाड़ के नीचे की कहावत को चरितार्थ कर रही है। वारदात को हुए 12 दिन बीत गए है पर समदड़ी पुलिस अभी तक मामले में कोई कार्यवाही नही के पाई है। पत्रकार सुनील कुमार दवे पुत्र श्री रतनलाल जाति दवे ब्राह्मण ने बताया कि वे एक स्वतंत्र पत्रकार के रूप में कार्य करने के साथ जीविकोपार्जन के लिए फोटो वीडियो एडिटिंग का कार्य करते है। उनकी  दुकान बाजार में आई हुई है। 18 सितम्बर की रात के 9 बजे वे दुकान में काम कर रहे थे उसी वक्त भेराराम जाति घांसी शराब के नशे में धुत होकर आया और सीधा उनकी दुकान में अनाधिकृत रूप से घुसा तथा उसके मुंह से शराब की जबरदस्ती दुर्गन्ध आ रही थी, भेराराम ने आते ही उन्हें गालियां देना शुरू किया। पत्रकार सुनील दवे जा घर व दुकान एक साथ ही है इस कारण उनकी पत्नी व बच्चे भी डर गये बाद में सुनील ने आरोपी को  समझाते हुए कहा कि तम लोग इस समय क्यों हुड़दंग मचा रहे हो सुबह जो भी होगा देख लिया जायेगा अब तुम शराब के नशे में हो इसलिये यहां से अपने घर चले जाओ समझाईश कर हाथाजोड़ी करने के बावजूद आरोपी द्वारा सुनील की दुकान के अन्दर जोर जोर से मां बहन की गाली गलौच व मारपीट करने की धमकिया दी जाती रही। डरकर पत्रकार सुनील ने  पुलिस थाना समदड़ी को फोन किया करीबन आधे घण्टे के बाद पुलिस की गाड़ी आई जिसमें राजेश हैड काॅनिस्टेबल साथ थे वे भेराराम को पकड़कर ले गये फिर भेराराम द्वारा माफी मांगने और बुद्धिजीवियों के कहने पर  माफ कर दिया। सुनील द्वारा तो मामला समाप्त कर लिया गया। बाद में देर रात्रि को भेराराम, ताराचंद एवं अन्य साथी ने मिलकर सामाजिक और व्यापारिक प्रतिष्ठा को नष्ट करने के उद्देश्य सुनील को झूठे मामले में फसाने के उद्देश्य से  रात को  हाॅस्पीटल में भर्ती होने का षड्यंत्र रचा और सुनील के खिलाफ सोशल मीडिया में झूठी-झूठी खबरें चढाई और सुनील को  शराबी अनाचारी, दबंग आदि नामों से प्रचारित किया रात 12 बजे से मेरे रिश्तेदारों और मित्रों के फोन आने शुरू हुए और शराबी आदि शब्दों से सुनील को सम्बोधित किया। सोशल मीडिया में सुनील के खिलाफ मनगढंत तथ्य लिखे जाने से समाज मे उनकी प्रतिस्थाको ठेस पहुची। जिसका मुकदमा भी पत्रकार सुनील द्वारा समदड़ी थाने में दर्ज करवाया पर पुलिस अभी तक कोई कार्यवाही नही कर रही है। पुलिस पर क्यो शक? पत्रकार सुनील ने बताया कि वारदात की रात को  मुलजिम भेराराम को  मोके से पकड़ा तब वो शराब पिया हुआ था लेकिन  पुलिस वालों ने मुलजिम पक्ष से मिलावट कर राजनैतिक दबाव के चलते भेराराम को उसी समय बिना कोई मेडिकल करवाये छोड़ दिया। पूर्व में भी भेराराम घांची सांवरड़ा से कुछ साथियों के साथ शराब के नशे में पकड़ा गया है जिसका रिकाॅर्ड पुलिस थाना समदड़ी में उपलब्ध है।

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