लोग जेब कटवाने को मजबूर, जिम्मेदारों को शिकायत का इंतजार

जालोर, जेताराम चौधरी : रोडवेज में चक्काजाम से स्थिति बिगड़ रही है, लेकिन सरकारी स्तर पर आवागमन को लेकर कोई वैकल्पिक व्यवस्था करना तो दूर मनमाने किराए की रोकथाम करने के भी प्रयास नहीं हो रहे। रोडवेज की हड़ताल के कारण बस व टैक्सी संचालक यात्रियों से मुंहमांगे दाम वसूल रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों को मानों इससे कोई सरोकार नहीं है। ऐसे में लोग जेब कटवा कर सफर करने को तो मजबूर है ही अवैध वाहनों को भी शह मिल रही है। लोग समय पर गंतव्य तक पहुंचने के चक्कर में परेशानी झेलकर भी सफर करने को विवश है। यात्रियों ने बताया कि रोडवेज में हड़ताल के कारण प्रशासनिक स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। निजी बसों व टैक्सी में वसूले जा रहे किराए पर भी निगरानी रखने वाला कोई नहीं है। मनमर्जी के दाम वसूले जा रहे हैं, लेकिन परिवहन विभाग इनकी जांच तक नहीं कर रहा। विभाग कार्मिकों की कमी के कारण निगरानी नहीं कर पाने की लाचारी जता रहा है। उधर, जिला प्रशासन शिकायत आने के इंतजार में हैं। अधिकारी बताते हैं कि हमारे पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई, जिससे कार्रवाई कर सके। ऐसे में यात्रियों को न तो सुविधा मिल रही है और न ही ज्यादा दाम वसूली पर अंकुश लग रहा है। मौके का फायदा उठा रहे बस मालिक उधर, निजी यात्री बस संचालक इस मौके का पूरा फायदा उठा रहे हैं। रोडवेज में हड़ताल के कारण यात्री भार उठाते हुए चांदी काट रहे हैं। यात्रियों ने बताया कि आहोर व बागरा जैसे नजदीकी स्टेशन का किराया भी 50 से 60 रुपए तक वसूला जा रहा है। स्टेशन पर निजी बस आते ही खचाखच भर रही है। इससे निजी यात्री बस संचालकों का टाइम टेबल भी गड़बड़ा गया है। कलक्टर बोले:समस्या होती तो शिकायत आती रोडवेज में चक्काजाम से निजी बसों व टैक्सी में मनमाना किराया वसूलने के मामले में जिला प्रशासन अनभिज्ञता जता रहा है। जिला कलक्टर का मानना हैं कि ज्यादा राशि वसूलते तो शिकायत भी आती। ऐसी कोई शिकायत नहीं आई। यातायात के साधनों पर निगरानी या वैकल्पिक व्यवस्था के लिए परिवहन विभाग अधिकारी से बात करने को कहा। कोई शिकायत नहीं आई… यात्रियों से ज्यादा दाम वसूलने या किसी समस्या को लेकर हमारे पास कोई शिकायत नहीं आई है। वैसे इन पर निगरानी का दायित्व परिवहन विभाग का है उनसे ही बात कीजिए। – बीएल कोठारी, जिला कलक्टर, जालोर निरीक्षक नहीं है… निगरानी करनी चाहिए थी, लेकिन हमारे पास निरीक्षकों की कमी है इसलिए जांच नहीं हो पा रही।

Share This Post

Post Comment