गोचर भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत

जेसलमेर, नखताराम : भणियाणा उपखण्ड के अन्तर्गत आने वाली ग्राम पंचायत रातड़िया में पिछले कई वर्षो से गांव की गौचर भूमि पर अतिक्रमण की समस्या से झूझ रहा है। लोकदेवता पाबूजी के नाम गांव की गौचर औरण भूमि पर गांव व आस पास क्षेत्र के बदमाश प्रवृति के लोगों ने कब्जा कर पक्का निर्माण कर अतिक्रमण कर रखा है। यहां गांव के रसूख दार बदमाश प्रवृति के लोगो के पास एक-एक के दस-दस तक‭ कब्जे कर दुकाने बनाई हुई है जिसका वह मनमाना किराया वसूलते है। ‬हालांकि इसकी शिकायत माननीय उच्च न्यायालय में दर्ज जनहित याचिका के तहत की जा चुकी है याचिका के पॉंच वर्ष बीत जाने के बावजूद प्रशासन के ढुलमुल रवैये तथा अतिक्रमियों की राजनितिक पहुंच के आगे अतिक्रमण में दिनो दिन वृद्धि हो रही है। गौचर भूमि अतिक्रमण हटाओ संघर्ष समिति के युवाओं को अतिक्रमण कारियों द्वारा जान से मारने की धमकिया दी जा रही है। पूर्व में भी अतिक्रमणकारियों ने संघर्षशील लोगो को झूठे मुकदमों में फंसाने की कोशिशें की गई है। जिला कलक्टर कार्यालय में जाकर बार बार ज्ञापन देने के बावजूद जिला प्रशासन राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेशों का सही तरिके से पालन नहीं कर रहा है आंख मूंद कर बैठे अधिकारी अपने कर्तव्य में टालमटोल करते नजर आ रहे है। एक बार नोटिस चस्पा कर सात दिनों का समय देकर अतिक्रमण हटाने की तैयारी करने वाला प्रशासन अब तक चुप क्यों बैठा है? गांव रातड़िया के लोग प्रशासन पर भष्टाचार कर अतिक्रमियों का साथ देने का आरोप लगा रहे है। ग्रामीणों में आक्रोश को देखते हुए संघर्ष समिति के बैनर तले आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा रही है। एक तरफ जहां गांव की जनता अतिक्रमण से परेशान है वहीं दूसरी तरफ अतिक्रमणियों द्वारा मिल रही धमकियों से ग्राम के लोगों में रोष व्यापत है। आखिर क्या वजह है प्रशासन इस गौचर भूमि अतिक्रमण के मामले में कोर्ट के आदेश के बावजूद तत्परता नहीं दिखा रहा है जिससे रसूखदार अतिक्रमियों को समय मिल जाने के कारण झूठे तथ्य न्यायालय में पेश कर कार्यवाही स्थगन आदेश लेकर आगए। वर्तमान में रातडिया ग्राम पंचायत के चौराहे के आस पास लगभग सौ अवैध गौचर भूमि पर कब्जे है। लोगों के आक्रोश व विशाल आंदोलन की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन को समय रहते चेतकर अतिक्रमण से  मुक्त करने की कार्यवाही अमल में लानी चाहिए।

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