करुणानिधि तमिलनाडु के नेता थे और जीवनभर हिन्दू विरोध की राजनीति की !

वर्धा, रविंद्रपाल : करुणानिधि तमिलनाडु के नेता थे और जीवनभर हिन्दू विरोध की राजनीति की उन्होंने तमिल लोगों को श्री राम के खिलाफ खूब भड़काया। करुणनिधि ने इसाई, इस्लामिक संगठनो की टीएन में खूब सेवा की वहीँ हिन्दुओ को जीवनभर अपमानित किया मौत के साथ ही देश से 1 हिन्दू विरोधी नेता कम हुआ। 1977 तक डीएमके नेता हर विजया दशमी को राम-लक्ष्मण सीता और हनुमान जी की मूर्तियों को जूते मार-मार के विसर्जन करते थे। एमजीआर ने आकर इस प्रथा को बंद किया था। भगवान श्री राम जी को “शराबी” कहने वाले करुणानिधि के प्रति मुझे कोई “करुणा” नही। धरती से बोझ कम हुआ। तमिलनाडु का पाप गया। माफ करना मै इस हिंदू विरोधी – राम द्रोही के लिए ‘ ॐ शांति ‘ भी  नही बोलूँगा इसलिए केवल लतांजली डीएमके के नेता करूणानिधि पर बड़ा खुलासा हुआ था और ये खुलासा डॉ सुब्रमण्यम स्वामी ने किया था रामसेतु पर करूणानिधि ने तमिलनाडु के मुसलमानो को कहा था कि – तुम चिंता मत करो, हिन्दुओ ने बाबरी मस्जिद तोड़ी मैं उसका बदला लूंगा और रामसेतु को तोडूंगा। और इस काम में सोनिया गाँधी ने करूणानिधि का साथ दिया और जैसे ही 2004 में कांग्रेस (सोनिया गाँधी) केंद्र की सत्ता में आई रामसेतु को तोड़े जाने का काम शुरू हो गया परन्तु कोर्ट में मामला जाने और हिन्दुओ के विरोध के कारण ये लोग रामसेतु को तोड़ नहीं सके थे। रामसेतु तोड़ने के लिए करूणानिधि के साथ साथ ही सोनिया गाँधी ने भी एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था और दोनों किसी भी कीमत पर रामसेतु को तोडना चाहते थे करूणानिधि ने तो भगवान् राम पर बयानबाजी भी की थी और कहा था राम ने रामसेतु बनाया इसका क्या सबूत है? राम क्या कोई इंजीनियर थे। तब अमरीकी वैज्ञानिको ने अपनी गहन रिसर्च के बाद साफ़ किया था कि, रामसेतु बिलकुल सच है, *हाथों से पत्थरों को फेंककर इस सेतु को बनाया गया था और हिन्दू धर्मग्रंतों में जो रामसेतु का जिक्र है वो बिल्कुल सटीक और सच बात है और आज भी रामेश्वर से लेकर श्रीलंका के बीच में रामसेतु के सबूत मौजूद है आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रामसेतु को करूणानिधि और सोनिया गाँधी बाबरी मस्जिद का बदला लेकर मुसलमानो को खुश करने के लिए तोड़ने पर आमादा थे और ये खुलासा डॉ स्वामी ने किया था।

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