जामताड़ा : मिट रहा है पहाड़ों का अस्तित्व, भयभीत हैं ग्रामीण

k

जामताड़ा, निखिल गोयल : जामताड़ा जिला इन दिनों पूरी तरह माफियाओं के कब्जे में है। चाहे वो बालू माफिया हो, भू माफिया हो, कोयला माफिया हो, या फिर वो पत्थर माफिया हो। जामताड़ा जिला पूरी तरह इन माफियाओं के शिकंजे में है। इन माफियाओं पर हाथ देने से जिला के आलाअधिकारी भी कतरा रहे है या कोई अन्य बात है। आज जिस जल, जंगल, जमीन और पहाड़ को बचाने का प्रयास सरकार लगातार कर रही है उसी पर माफियाओं की नजर है। मिहिजाम थाना क्षेत्र के सुंदर सा केलाही पहाड़ जो अपनी खूबसूरती के लिए कभी जाना जाता था। जिले के लोगों के साथ– साथ बंगाल के लोग भी इस पहाड़ को देखने के लिए आते थे। मिहिजाम से सटा बंगाल होने के कारण बंगाल के लोग भी इस पहाड़ को देखने आते थे। करीब 22 एकड़ में फैला ये केलाही पहाड़ यहां की खूबसूरती में चार चांद लगाने का काम करती थी। वहीं पहाड़ पर अवस्थित शिवमंदिर में लोग पूजा अर्चना भी करते थे। लेकिन अब केलाही पहाड़ का अस्तित्व खत्म होने पर है क्योंकि केलाही पहाड़ पर पत्थर माफियाओं की नजर है। पत्थर निकालने के लिए आधा से अधिक पहाड़ को खोद दिया गया है। अभी भी वृहद पैमाने पर पत्थर की खुदाई हो रही है। ड्रील कर डैनामाईट लगाकर ब्लास्टिंग किया जाता है उसके बाद पत्थर को ट्रेक्टर से लोड कर सटे बंगाल भेजा जाता है.आए दिन पत्थर माफियाओं के द्वारा पहाड़ पर ब्लास्टिंग की जाती है जिसके कारण गांव के लोग भय के माहौल में है। बलास्टिंग इतना हेवी होता है कि लोगों के घर तक हिल जाते हैं।

Share This Post

Post Comment