देशभर में ट्रकों के पहिए होंगे जाम, आम आदमी पर होगा यह असर

मुक्तसर, प्रिंस बंसल : मलोट। ट्रकों के लिए लोडिंग क्षमता नियमों में बदलाव के बावजूद ट्रक ट्रांसपोर्टर्स नहीं माने हैं और आज देशभर में चक्का जाम करेंगे। केंद्र सरकार ने ट्रांसपोर्टरों की 20 जुलाई से प्रस्तावित हड़ताल के बीच वाहनों के लिए भार वहन सीमा (एक्सैल लोड सीमा) 37 प्रतिशत तक बढ़ा दी है लेकिन सरकार का यह निर्णय ट्रांसपोर्टरों को रास नहीं आया। 90 लाख ट्रकों का पहिया होगा जाम बता दें कि करीब 90 लाख ट्रक के पहिए थम सकते हैं। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि इससे उन्हें लंबी अवधि में नुक्सान ही होगा। प्रस्तावित हड़ताल के बीच सरकार के इस निर्णय को हड़ताल खत्म कराने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। सरकार ने भारी वाहनों के लिए मालवहन क्षमता में भले ही करीब 18 प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी है लेकिन वाहन निर्माताओं का कहना है कि वे इस तरह के वाहन का उत्पादन करने के लिए तैयार नहीं हैं। ट्रांसपोर्टर्स की मांगें: ट्रांसपोर्टर्स ने मांग की है कि डीजल की कीमतों को जीएसटी के दायरे में लाया जाए या फिर मौजूदा समय में इन पर केन्द्रीय व राज्यों की तरफ से लगने वाले टैक्स को कम किया जाए। टोल कलेक्शन सिस्टम को भी बदला जाए क्योंकि टोल प्लाजा पर र्इंधन और समय के नुकसान से सालाना 1.5 लाख करोड़ रुपए का नुकसान होता है। थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम पर जीएसटी की छूट मिले और इससे एजेंट्स को मिलने वाले अतिरिक्त कमीशन को भी खत्म किया जाए। आम आदमी पर होगा यह असर ट्रक हड़ताल का सीधा असर आम आदमी पर होता हैं क्योंकि ट्रक हड़ताल से दूध-सब्जी और बाकी सामानों की सप्लाई बंद हो जाएगी। ऐसे में डिमांड बनी रहेगी और सप्लाई घट जाएगी। लिहाजा आम आदमी को इन चीजों के लिए ज्यादा दाम चुकाने होंगे।

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