कर्मचारियों पर दुर्व्यवहार का आरोप

चूरू, राकेश प्रजापत : सुजानगढ़। जहां केंद्र और राज्य सरकार करोड़ों खर्च कर विभिन्न योजनाओं को लागू कर सरकारी अस्पतालों में सुरक्षित प्रसव करवाकर मातृ शिशु मृत्युदर के आंकड़ों को कम करने की कवायद में जुटी है। वहीं सरकारी मुलाजिम अपनी गैर जिम्मेदाराना हरकतों से सरकार के मनसूबो पर पानी फेर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला राजस्थान के चूरू जिले के सबसे बड़े राजकीय बगड़िया अस्पताल के सामने आया है जहां पर एक महिला कर्मचारी की दादागिरी व धमकियों से परेशान होकर क्षेत्र की आशा बहनों को उसे हटाने के लिए सूबे के चिकित्सा मंत्री को गुहार लगानी पड़ रही है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर किस कदर योजनाओं की अनदेखी की जा रही है इसकी एक बानगी सरकारी अस्पताल में देखने को मिली कि जिम्मेदार अधिकारी भी मामले की जानकारी नहीं होने का बहाना कर रहे हैं। वहीं जब आशा कार्यकर्ता मीडिया के सामने अपनी पीड़ा बयां कर रही थी तो आरोपी कर्मचारी भड़क गई और केमरे के सामने ही उन्हें धमकाने लगी। वहीं आशा कार्यकर्ताओं ने अस्पताल के पीएमओ डाॅ एनके प्रधान को चिकित्सा मंत्री के नाम का ज्ञापन देकर अपनी पीड़ा जताई है। ज्ञापन में बताया गया है कि अस्पताल में कार्यरत एलएचवी प्रभारी लाली जोसेफ उनका योजनाओं को लेकर सहयोग नहीं करती। उन्होंने आरोप लगाया है कि मेहनत करके गर्भवती महिलाओं को अस्पताल लाते हैं पर ना तो उनका टीकाकरण समय पर होता है और ना ही निःशुल्क जांचे। जब हम उक्त महिला कर्मचारी से सहयोग करने की बात कहते है तो वो भड़क जाती है और गुस्से में हमारी बेइज्जती करके धमकी देती है कि आप मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती और मैं नहीं करूँगी काम। उधर पीएमओ ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है । ऐसे में सोचने वाली बात यह है कि सरकारी योजनाओं को आमजन तक पहुँचाने की कड़ी आशा कार्यकर्ताओं को इस कदर परेशान किया गया तो कौन जरुरतमंद लोगों को योजनाओं का लाभ दिलवाने का काम करेगा।

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