पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में कमजोर मानसून के कारण 9% तक कम बारिश

नई दिल्ली, अमित शर्मा : मुंबई की रफ्तार इस वक्त भारी बारिश के कारण लगभग थम सी गई है। मुंबई और कुछ इलाकों को छोड़ दिया जाए तो देश के दूसरे हिस्सों में मानसून अब तक काफी कमजोर पड़ा है। अभी तक देश भर में 9 फीसदी कम बारिश हुई है जबकि जुलाई के पिछले 10 दिनों में यह आंकड़ा 16 फीसदी तक कम रहा है। मॉनसून कमजोर पड़ने की वजह से खरीफ की फसल को भी नुकसान हो सकता है। उत्तर प्रदेश और गुजरात में अभी तक सामान्य से आधी बारिश ही हुई है और पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में भी मानसून में बारिश सामान्य से कम हुई है। हालांकि, मध्य भारत और दक्षिण भारत में अच्छी बारिश हो रही है। मानसून कमजोर पड़ने का असर खरीफ की फसल पर भी पड़ रहा है। ज्यादातर खरीफ की फसलों की बुआई जुलाई में होती है। अभी तक देश भर में 36 मीट्रर लॉजिकल सबडिविजन में उम्मीद से कम बरसात हुई है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) का कहना है कि बंगाल की खाड़ी के आसपास हलचल में कमी के कारण बारिश कम हो रही है। आईएमडी के प्रमुख मॉनसून विश्लेषक डी शिवानंद पाई का कहना है, ‘घुमाव का पैटर्न वैसे तो ठीक है। अच्छी बारिश के लिए जरूरत है कि बंगाल की खाड़ी के आसपास कोई हलचल हो ताकि मानसून को आगे बढ़ने के लिए एक बढ़त मिल सके। जून से अब तक सिर्फ एक लो प्रेशर सिस्टम बंगाल की खाड़ी पर बन सका है। आम तौर पर ऐसी स्थिति में 4 ऐसे लो प्रेशर बन जाते हैं।’ पाई ने कहा, ‘आईएमडी का अनुमान है कि जुलाई में अच्छी बारिश होगी और यह सामान्य से 1 फीसदी अधिक तक रह सकती है। ऐसी उम्मीद है कि छिटपुट बारिश की शुरुआत बुधवार से उत्तर-पश्चिम में हो सकती है। पूर्वी और उत्तर-पूर्व भारत में फिलहाल बारिश के लिए कुछ दिन का और इंतजार करना पड़ सकता है।’ अभी तक सरकार की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार, खरीफ की फसल की बुआई में पिछले साल की तुलना में 16% तक की कमी है। सामान्य से यह कमी 10 फीसदी तक की है।

Share This Post

Post Comment