मोदी को क्यों इतनी नफरत का सामना करना पड़ रहा है?

राजकोट, हार्दिक हरसौरा : नया आधार लिंक कराने से महाराष्ट्र में 10 करोड़ गरीब गायब हो गए। उत्तराखंड में भी कई लाख फ़र्ज़ी बीपीएल कार्ड धारी गरीब ख़त्म हो गए। तीन करोड़ (30000000) से ज्यादा फ़र्ज़ी एलपीजी कनेक्शन धारक ख़त्म हो गए। मदरसों से वज़ीफ़ा पाने वाले 1,95,00000 फर्ज़ी बच्चे गायब हो गए। डेढ़ करोड़ (15000000) से ऊपर फ़र्ज़ी राशन कार्ड धारी गायब हो गए। ये सब क्यों और कहाँ गायब होते जा रहे हैं। चोरो का सारा काला चिट्ठा खुलने वाला हैं। इसीलिए सारे चोरों ने मिलकर माननीय सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी, कि आधार लिंक हमारे मौलिक अधिकारों का हनन है। चोरों को प्राइवेसी का कैसा अधिकार। कंपनी के MD: मोदी ने फर्जी 3 लाख से ज्यादा कम्पनियां बन्द कर दी है। राशऩ डीलर नाराज़ हो गये। प्रोर्पटी डीलर नाराज़ हो गये। ऑनलाइन सिस्टम बनने से दलाल नाराज़ हो गये है। 40,000 फर्जी एनजीओ बन्द हो गये है, इसलिए इन एनजीओ के मालिक भी नाराज़ हो गये। नंबर 2 की आय से प्रोर्पटी खरीदने वाले नाराज़ हो गये। ई-निविदा होने से कुछ ठेकेदार भी नाराज़ हो गये। गैस कंपनी वाले नाराज़ हो गये। अब तक जो 12 करोड लोग आयकर के दायरे मै आ चुके हैं, वह लोग नाराज़ हो गये। जीएसटी सिस्टम लागू होने से व्यापारी लोग नाराज़ हो गये, क्योंकि वो लोग स्वचालित सिस्टम मै आ गये है। वो 2 नम्बर के काम वाले लोग फलना फूलना बन्द हो गये है। ब्लैक को व्हाईट करने का सिस्टम एक दम से लुंज सा हो गया है। आलसी सरकरी लोकसेवक नाराज हो गये क्योंकि समय पर जाकर काम करना पड रहा हैं। वो लोग नाराज हो गये जो समय पर काम नही करते थे और रिश्वत देकर काम करने मे विश्वास करते है। दु:ख होना लाज़मी है, देश बदलाव की कहानी लिखी जा रही है, जिसे समझ आ रही है बदल रहा है जिसे नही आ रही है वो मंद बुध्दि युवराज के मानसिक गुलाम हमे अंध भक्त कह कह कर छाती कूट रहे है। “अगर” देश के लिए “कुछ करना है, तो यह सन्देश 100 लोगों को भेजना है।” बस, आपको तो एक कड़ी जोड़नी जो भी मोदीजी को “गाली” देता दिखे तो समझ लेना की चोट काफी लगी है। आज से 2,500 साल पहले “चाणक्य” ने बिल्कुल सही कहा था,”जब गद्दारों की टोली में हाहाकार हो तो समझ लो देश का ‘राजा चरित्रवान और प्रतिभा संपन्न’ है और ‘राष्ट्र प्रगति पथ’ पर अग्रसर है।”

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