विश्व न. 1 मोबिल कंपनी तथा इंडियन आॅयल फार्चून 500 कंपनी का सिंथेटिक डालने से स्विफट डिजायर गाड़ी से बैलगाड़ी हो गयी है

दिल्ली, अरविंद यादव : आजकल डुप्लीकेसी का जमाना चल रहा है। हर तरफ सस्ता तथा डुप्लीकेट माल की डिमांड है सबको अपने प्राॅफिट से मतलब है अतः ओरिजनल से किसी को कोई लेन देन नहीं है। लेकिन उपभोक्ताओं को ओरिजनल से लेन देन है लेकिन उपभोक्ताओं को ओरिजनल की पहचान नहीं मालूम है। अतः ओरिजनल की पहचान सार्वजनिक किया जा रहा है। ओरिजनल की सिर्फ एक ही पहचान है जीएसटी भुगतान बिल निर्माण के साथ बिल संख्या ओर उसी बैच नंबर की लेबोरेटरी की टेस्टिंग रिर्पोट। इसके बिना कोई भी आॅयल खरीदने से मना करे वरना आपकी गाड़ी बैलगाड़ी बन जाएंगी। अतिविश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि एक उपभोक्ता जिनकी 2015 माॅडल स्विफ्ट डिजायर है लगभग 15000 कि.मी. चली है। मोबिल न. 1 का 0ॅ.40 फुली सिंथेटिक ईंजन आॅयल डालने से फिर बदलकर 5W-40 MGDO डाले अब उनकी कंपलेंट हो कि उनकी गाड़ी (गाड़ी से बैलगाड़ी बन गयी हो) जिसका ईलाज वे एक्सपर्ट से पूछते है जो कि पेशे से डाॅक्टर हो ओर खुद अपनी गाड़ी में नकली तेल डालने की वजह से ही गाड़ी से बैलगाड़ी बन चुकी है अतः सार्वजनिक रूप से पब्लिक को आगह किया जा रहा है कि कृपया इस सावधानी को अवश्य बरतें कोई भी तेल या घी चाहे वह खाने वाला हो या गाड़ियों में प्रयोग में डालने वाला हो बिना लेबोरेटरी टेस्ट रिर्पोट के ना खरींदे बल्कि उसका विरोध करें ताकि भविष्य में किसी उपभोक्ता को ऐसी परेशानी का सामना न करना पडे़।

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