पत्रकारिता जीवनयापन का माध्यम नहीं बल्कि मिशन है-आयुक्त

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गोंडा, श्याम बाबू कमल : हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर आयोजित हुआ कार्यक्रम। निजी स्वार्थों में निष्पक्ष व निर्भीेक पत्रकारिता सम्भव नहीं- जिलाधिकारी चुनौतियों से विकास होता है। वर्तमान समय में लोकतंत्र के 4 स्तम्भ मीडिया की जिम्मेदारियां और अधिक बढ़ गई हैं तथा समाज का हर तबका मीडिया की ओर विश्वास व आशा भरी नजरों से देखता है इसलिए मीडिया के क्षेत्र में चुनौतियां दिनोदिन बढ़ती जा रही है। यह बातें देवीपाटन मण्डल के आयुक्त सुधेश कुमार ओझा ने हिन्दी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर जिला पंचायत सभागार में आयोजित पत्रकारिता की चुनौतियां विषय पर आधारित गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए कहा। आयुक्त देवीपाटन मण्डल, डीआईजी देवीपाटन परिक्षेत्र ए. के. राय जिलाधिकारी गोण्डा जेबी सिंह तथा एडिशनल एसपी मणिलाल पाटीदार ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के जिलाध्यक्ष कैलाशनाथ वर्मा व अन्य पत्रकारों ने अतिथियों का स्वागत किया। गोष्ठी में मुख्य अतिथि आयुक्त श्री ओझा ने हिन्दी पत्रकारिता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि आज के दौर में मीडिया की भूमिका बहुत ही सशक्त हो गई है परन्तु मीडिया में कुछ ऐसे लोग भी आ गए हैं जो स्वयं मीडिया के लिए ही चुनौती बन गए हैं और मीडिया जैसे पवित्र मिशन को बदनाम करने का काम करते हैं उन्होने कहा कि ऐसे लोगों को बेनकाब करना व बहिष्कार करने का काम भी मीडिया को ही करना चाहिए। जिससे लोकतंत्र के 4 स्तम्भ के रूप में मीडिया अपनी भूमिका अच्छे से निभा सके उन्होने कहा पत्रकारिता को जीवनयापन का माध्यम नहीं नहीं बल्कि मिशन है। डीआईजी श्री राय ने कहा कि आज विकासवाद में हम काफी आगे निकल चुके हैं परन्तु उतनी ही तेजी से वैचारिक दरिद्रता को प्राप्त हो रहे हैं। लोग स्तर विहीन होते जा रहे हैं। यह चिन्ता का विषय है। चुनौतियां हर क्षेत्र में बढ़ी हैं परन्तु पत्रकारिता नौकरी नहीं बल्कि मिशन हो तभी समाज का भला होगा वरना निजी स्वार्थों में निष्पक्ष व निर्भीेक पत्रकारिता सम्भव नही हो सकती जिसका खामियाजा समाज को देश को और आने वाली पीढियों को भुगतना ही पड़ेगा। जिलाधिकारी जेबी सिंह ने पत्रकारिता के व्यवसायीकरण व निराधार खबरों पर चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि आज कुछ प्रतिशत लोग निजी लाभ के लिए तथ्यहीन खबरों को प्रमुखता देते हैं जिससे संशय व भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है। ऐसे लोगों की निन्दा होनी चाहिए। उन्होने कहा कि पत्रकार जनता व प्रशासन बीच लिए आइने का काम करते हैं और हमारी कमियों व अच्छाइयों दोनों को इंगित करते हैं जिससे हम सुधार कर पाते हैं परन्तु जब पत्रकारिता समाज के हित के बजाय निजी हित के लिए शुरू हो जाती है तब मीडिया पर प्रश्नचिन्ह लगने लगता है। इसलिए सिर्फ चुनौतियों को बताकर जिम्मेदारियों से बचा नहीं जा सकता। एएसपी मणिलाल पाटीदार ने कहा कि खबरों में संवेदनशीलता हो और सत्यता हो जिससे प्रशाानिक अधिकारी सही निर्णय ले सके और वास्तव में पीड़ित की मदद कर सके और न्याय दे सकें। वरिष्ठ पत्रकार टीपी सिंह ने कहा कि हम लोगों अपनी अहमियत, सीमा, मर्यादा व गरिमा का ध्यान रखना चाहिए तभी हम सब निष्पक्ष पत्रकारिता कर पाएगें और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा पाएगें। पत्रकार एसपी मिश्र ने पत्रकारिता के जन्म से लेकर वर्तमान सिथत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समय के अनुसार कुछ चन्द लोगों ने पत्रकारिता की परभिाषा ही बदल दी है। इस पर विचार और अनुसरण करने की आवश्यकता है। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार भारत लाल त्रिपाठी, कमर अब्बास, हरि नारायण शुक्ला, संजय तिवारी व सामज सेवी राजीव रस्तोगी शिवमूर्ति मिश्र, डा. उमा सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के दौरान दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय छेदी लाल अग्रवाल की धर्मपत्नी गंगा देवी को अतिथियों द्वारा अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर यूएनआई के पत्रकार अंकुर गर्ग द्वारा स्वर्गीय छेदीलाल की स्मृति में छेदीलाल अग्रवाल पत्रकार शिरोमणि  अवार्ड शुरू करने की घोषणा की गई। अतिथियों द्वारा दो पत्रकारों एसपी मिश्र व चन्दा नारायण राव को प्रथम छेदीलाल अग्रवाल पत्रकार शिरोमणि अवार्ड पुरस्कार प्रदान किया गया। स्वर्गीय छेदीलाल अग्रवाल की पौत्री गुनगुन द्वारा पत्रकारिता से सम्बन्धित स्वरचित कविता भी प्रस्तुत की गई। इसके अलावा कार्यक्रम में पत्रकारों द्वारा मुख्य अतिथि व अन्य अतिथियों को अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ समाजसेवी व अधिवक्ता के. के. श्रीवास्तव व रघुनाथ पाण्डेय द्वारा किया गया। वरिष्ठ पत्रकार जानकी शरण द्विवेदी द्वारा अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिले के तमाम संभ्रांत नागरिकगण व पत्रकार बन्धु उपस्थित रहे।

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