फिर सवालों के घेरे में सीवान का ‘सांसद’ फंड 

सीवान, शुभम कुमार : सीवान के सांसद ओमप्रकाश यादव और उनसे जुड़े घोटाले के विवाद का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते साल ही सोलर घोटाला मामले में सांसद घिरे ही थे, इसके बाद दूसरे जिले में सांसद फंड के खर्च करने का आरोप लगा लेकिन अब एक और घोटाले का अंदेशा लगाया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक सीवान संसदीय क्षेत्र में सांसद विकास योजना के तहत लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 1 हजार लीटर का चार आरओ लगना है। योजना साल 2017-18 की यह योजना साल 2017-18 की है जिला योजना कार्यालय विभाग का दावा है कि आरओ लगाने के लिए टेंडर हो गया है, जबकि सांसद के साथ ही जिले के वरीय अफसरों का कहना है कि योजना को पारदर्शी बनाने के लिए टेंडर निकालने के लिए आदेश जारी किया गया है। हिंदुस्तान की खबर के मुताबिक विभागीय स्तर पर टेंडर में हेराफेरी की गई है। जिसके बाद टेंडर फाइनल करने वाली फाइल पर जिले के वरीय अफसर ने मुहर लगाने से इंकार कर दिया है। इसके पीछे प्रशासनिक महकमे में चर्चा है कि संबंधित विभाग के अफसर ने अपने चहते कंपनी को टेंडर देने के लिए मोटी रकम ली है। इसकी भनक पिछले डीएम को मिल गई थी जिससे उसने टेंडर निकालने का आदेश दिया था। इसी बीच उनके तबादले के बाद संबंधित अफसर ने किसी तरह फाइल पर मुहर लगाने की तरकीब शुरू कर दी हालांकि यह रणनीति सफल नहीं हुई और जिले के वरीय अफसर ने टेंडर निकालने का आदेश जारी कर दिया है यह घालमेल (मिलावट) पूरे जिले में चर्चा का बिषय बना हुआ है।

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