दिल्ली सरकार के अंबेडकर अस्पताल के प्रवेश द्वार पर अतिक्रमण

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दिल्ली, राहुल मालपानी : रोहिणी स्थित दिल्ली सरकार के अंबेडकर अस्पताल के प्रवेश द्वार पर अतिक्रमण एंबुलेंस के रास्ते में लगातार बाधा बन रहा है। इसके चलते गंभीर मरीजों का रिस्पांस टाइम कम हो रहा है। इससे डॉक्टरों को कई बार तो मरीज को बचाने का समय ही नहीं मिल पा रहा है। यह हालत तब है जब इसको लेकर समय-समय पर मरीजों के तीमारदारों सहित अन्य संगठनों ने भी इस अतिक्रमण के खिलाफ आवाज उठाई है अंबेडकर अस्पताल के प्रवेश द्वार नंबर एक को ग्रामीण सेवा वाहनों और अतिक्रमणकारियों ने कब्जा कर रखा है। इससे एंबुलेंस को आपातकालीन सेवा तक मरीजों को पहुंचाने में देरी हो रही है। यहां पर रेहड़ी पटरी वालों ने लंबे समय से कब्जा कर रखा है। यही नहीं ग्रामीण सेवा, आरटीवी वाहन भी सवारी बैठाने के लिए गेट के सामने ही वाहन खड़े कर देते हैं। ऐसे में मरीजों को लेकर आने वाली एंबुलेंस के लिए रास्ता ही नहीं रहता है। वहीं, दूसरी तरफ अस्पताल की सर्विस लेन पर ई-रिक्शा वाहन भी खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है। जहां से एंबुलेंस का निकलना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। वहीं अस्पताल के सामने फुटपाथ पर भी खाने के ठेले भी लगे हुए हैं। ऐसे में गंभीर मरीजों को लेकर आने वाली एंबुलेंस को अस्पताल के प्रवेश द्वार पर ही रुकना पड़ता है, जिसका खामियाजा कई बार मरीजों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ता है। अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि प्रवेश द्वार पर अतिक्रमण के संबंध में कई बार पुलिस और निगम को शिकायत की गई। कुछ समय पहले अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की, लेकिन दोबारा हालत जस के तस हो गए। यहां पर अतिक्रमण के कारण कई बार मरीजों को बचाने का समय भी नहीं मिल पाता है।

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