कोयला घोटाला: मनमोहन सिंह को CBI कोर्ट ने दिया क्लीन चिट, लगाई मोदी सरकार को फटकार

मुंबई, राजू सोनी : कोयला घोटाला और 2G घोटाले का अफवा फैलाकर पूरे देश को गूमराह करके 2014 में सत्ता की कुर्सी पर आने वाले मोदी सरकार को कोर्ट ने दोनों मामले में बड़ा झटका दिया है। आपको याद होगा 2G घोटाले को एक अफवाह बताकर कोर्ट ने कहा था कि ऐसा कोई घोटाला हुआ ही नही महज बस एक चुनावी स्टंट था और सभी आरोपियों को बरी कर दिया। आपको बता दें कोल ब्लॉक आवंटन घोटाले में जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि मनमोहन सिंह के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं, जिससे पता चले कि जिंदल ग्रुप को फायदा पहुंचाते हुए कोल खदान का आवंटन किया गया था। कोल ब्लॉक आवंटन घोटाले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को आरोपी बनाने संबंधी याचिका पर सोमवार को सीबीआई कोर्ट ने सुनवाई की जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि मनमोहन सिंह के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं जिससे पता चले कि मनमोहन सिंह ने जिंदल ग्रुप को फायदा पहुंचाते हुए कोल खदान का आवंटन किया है सीबीआई कोर्ट ने 16 अक्टूबर तक फैसला सुरक्षित रखा। जांच एजेंसी की दलील के बाद कोर्ट ने सुनवाई करते हुए याचिका पर फैसला 16 अक्टूबर तक के लिए सुरक्षित रख लिया है। बता दें कि कोल घोटाले में फंसे झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने मनमोहन सिंह को आरोपी बनाए जाने के लिए याचिका दायर की थी। कोड़ा ने स्पेशल कोर्ट में थी दी थी अर्जी झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कोयला घोटाले में देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को आरोपी के रूप में समन जारी करने की अपील की थी। मधु कोड़ा ने स्पेशल कोर्ट में मनमोहन सिंह को बतौर आरोपी पेश होने की अर्जी दाखिल की। घोटाले के समय मनमोहन के अधीन थी कोल मिनिस्ट्री कोड़ा ने अपनी अर्जी में कहा था कि जिस समय कोयला घोटाला हुआ। उस समय कोयला मंत्रालय का प्रभार पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास था उन्होंने कहा कि एेसे में मनमोहन सिंह की मंजूरी के बिना किसी कोल ब्लात का आवंटन संभव नहीं था। लेकिन इन सभी बातों को नकारते हुऐ कोर्ट ने डॉ मनमोहन सिंह को क्लीन चीट दे दिया है और कहा है इस मामले में डॉ सिंह का कहीं भी रोल नही दिखाई पड़ता है।

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