अभी अभी लोगों का फूटा गुस्सा, हेलीकाप्टर से भागा नरेन्द्र मोदी…

मुंबई, राजूसोनी : राजनेताओं के लिए उनकी सियासत कितनी अहम होती है यह तो हम सभी जानते हैं। साथ ही यह कहावत भी हमने कई बार सुनी है कि नेता कुर्सी पर बैठने के बाद जनता से मिलना ही भूल जाता है। ऐसा ही कुछ देखने को मिला जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को तमिलनाडु के दौरे पर गए थे। मोदी की चेन्नई यात्रा पर फूटा लोगों का गुस्सा। मोदी की इस यात्रा पर गौर करने वाली बात यह थी इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी सड़क के रास्ते से न होते हुए सीधे हेलीकॉप्टर से अपने स्थल पर पहुंचे थे। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि तमिलनाडु में पीएम की यात्रा के लिए वहां के स्थानीय लोग नाराज चल रहे हैं। जिन्होंने मोदी के दौर पर काला झंडा दिखाकर विरोध करने की योजना बनाई थी। तमिलनाडु की जनता की नाराजगी की वजह साफ जाहिर है कि वे कावेरी जल विवाद में मोदी सरकार द्वारा कावेरी प्रंबंधन बोर्ड का गंठन न किए जाने से निराश हैं। पीएम मोदी ने रोड से न जाकर लिया हेलीकॉप्टर का सहारा अपनी इस यात्रा पर पीएम मोदी भारतीय वायु सेना के विमान से चेन्नई हवाई अड्डे पर पहुंचे थे। जिसके बाद प्रधानमंत्री महाबलीपुरम के निकट चल रहे डिफेंस एक्सपो स्थल पर हेलिकॉप्टर से रवाना हुए थे। जहां प्रधानमंत्री मोदी का अभियान केवल परिसर के अंदर ही किया जाना था। इस दौरान पीएम मोदी की यात्रा को देखते हुए पूर्व तट सड़क एक घंटे पहले ही पूरी तरह से बंद की गई थी। दूसरे कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पीएम मोदी चेन्नई पर वापस पहुंचे और यहीं से आईआईटी मद्रास कैंपस के अंदर बने हेलीपैड पर लैंड हुए, जो कि एडार कैंसर संस्थान के समारोह में शामिल होने का कार्यक्रम था।
आईआईटी मद्रास पहुंचने के लिए कैंपस में अलग से बनाई गई दीवार वहीं प्रदर्शनकारियों का खास ध्यान रखते हुए यहां कॉलेज कैंपस के अंदर ही एक दीवार बना दी गई थी। जहां से होकर पीएम मोदी की गाड़ी जा सके और इकट्ठा होने वाले प्रदर्शनकारियों से बचा जा सके वहीं एक बार फिर आईआईटी कैंपस से एयरपोर्ट की दूरी तय करने के लिए पीएम मोदी दोबारा हेलीकॉप्टर से यात्रा की जो कि महज 10 किलोमीटर की दूरी पर था। चेन्नई में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मैचों के खिलाफ मंगलवार को भारी विरोध प्रदर्शन करने वाले फिल्म निर्देशक पी बाराथीराजा ने प्रधानमंत्री के खिलाफ काले झंडे द्वारा विरोध करने की पुष्टि की थी।
प्रधान मंत्री का आह्वान करते हुए, एमडीएमके प्रमुख वाइको ने कहा, “क्या आप एक हेलीकॉप्टर के बजाय सड़क से नहीं जा सकते?”  पीएम मोदी के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए लोगों ने दिखाए काले झंडे: उन्होंने कहा, “हम 9 बजे हवाई अड्डे पर इकट्ठा होंगे और काले झंडे दिखाएंगे। प्रधानमंत्री को वापस जाना चाहिए। उन्होंने तमिलनाडु के साथ अन्याय किया है। ”डीएमके ने पहली बार काले झंडे दिखाकर पीएम मोदी का विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की थी, जिसके लिए उन्होंने कहा, वे एयरपोर्ट के पास एकत्रित होंगे। हफ्तों के लिए, तमिलनाडु राज्य ने कावेरी प्रबंधन बोर्ड जो कि एक स्वतंत्र नियामक संस्था होगी, के गठन में देरी होने से राजनीतिक दलों, तमिल संगठनों, स्वैच्छिक संगठनों और फिल्म जगत द्वारा विरोध व प्रदर्शन हुआ है। यह पूरी तरह से कावेरी जल के हिस्से का बंटवारा करने के लिए होगा जो कि तमिलनाडु, कर्नाटक, पांडुचेरी और केरल के बीच में होना है।  कावेरी जल विवाद पर नहीं हुई बोर्ड का गठन 16 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने दशकों तक पानी को आपस में बांटने के विवाद को विराम देने के लिए केंद्र सरकार से छह हफ्तों के भीतर पानी बांटने की योजना को लागू करने के आदेश दिए थे। जाहिर है कि इसकी समय सीमा खत्म हो चुकी है, केंद्र ने 12 मई को कर्नाटक विधानसभा चुनावों का हवाला देते हुए इस मामले पर और समय मांगा है।
इस हफ्ते की शुरुआत में कोर्ट ने केंद्र से फरवरी में अदालत के फैसले के अनुसार पानी साझा करने के फॉर्मूला को लागू करने की योजना बनाकर 3 मई तक सूचित किया था।

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