सवर्णो पर हुआ दलित उत्पीड़न एक्ट के साथ विभिन्न धाराओ का मामला पंजीकृत

ललितपुर, आशीष रावत : सवर्णो पर हुआ दलित उत्पीड़न एक्ट के साथ बिभिन्न धाराओ 147,148, 323, 504, 506, 308, 342, 452 34,3/2बी एंव एससी एसटी एक्ट में नामजद और लगभग 28 अज्ञात पर किया मामला पंजीकृत।पुलिस ने एक आरोपी को किया गिरफ्तार,  सदर कोतवाली की चोकी बिरधा के गांव सतरवांस में सर्वणो के खिलाफ डाली गई पोस्ट से फैला था तनाव सर्वणों के कुछ युवको ने मिलकर पोष्ट करने वाले युवक को गया था पीटा और दलित वर्ग के मुहल्ले में किया था जमकर उत्पात, महिलाओं वृद्ध और बच्चों को भी नहीं गया था बख्शा। दलित वर्ग की राजनीति करने का दम भरने वाले राजनीतिक दल के नेताओं ने जमकर खेला सियासी खेल गांव में अभी भी हैं तनाव का वातावरण, सीओ सदर और सदर एसडीएम और सदर कोतवाली प्रभारी रखे हैं गांव के हालात पर पैनी नजर। गांव में पुलिस बल की तैनाती के साथ साथ पीएसी बल भी रहा था तैनात!। एक तरफा सर्वण वर्ग पर कार्रवाई के कारण गांव की स्थिति बेहद तनाव पूर्ण ,पर प्रशासन के अनुसार स्थिति नियत्रंण में एक तरफा कार्यवाही से सवर्णो में भारी विरोध, धार्मिक और व्यक्तिगत भावनायें भडकाने और गलत पोस्ट करने पर बलवीर सिंह पर भी मामला पंजीकृत करने की मांग। ललितपुर जहां एक और सुप्रीम कोर्ट ने आंकड़ों के साथ स्पष्ट करते हुए अपने निर्णय में कहा कि देश में दलित उत्पीड़न के बहुत से मामले झूठे होते हैं और दलित उत्पीड़न के मामलो में पंजीकृत होने के बाद तुरंत गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए अग्रिम जमानत के प्रवाधान को जोड दिया है। इस निर्णय से बोखलाये वर्ग ने जहां देश और प्रदेश में हिंसा का नंगा नाच किया तो वही अनर्गल पोस्टो से देश और प्रदेश का माहौल खराब करने का माहौल तैयार किया जा रहा है इस क्रम में जनपद भीअछूता नहीं है जनपद के एक गांव सतरवांस के एक दलित युवक बलवीर सिंह ने एक ऐसी पोस्ट को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी जिसने जनपद ललितपुर की सदर कोतवाली की बिरधा चोकी के गांव सतरवांस का माहोल बिगाड़ कर रख दिया । दलित युवक ने सर्वणों और पिछडो के लिए पोस्ट डालते हुए लिखा था कि यह वर्ग अपनी लडकियों की शादी विवाह जब दलितो के साथ करने लगेंगे तव समझूंगा कि जाति वाद खत्म हो गया। जैसे ही पोस्ट वायरल हुई पढकर गांव में तनाव फेलने लगा। धीरे धीरे गांव के सर्वण नवयुवको ने एक्रतरित हो गये और पौष्ट करने वाले युवक को पीट दिया और उनके मुहल्ले पर हल्ला बोल दिया बृद्ध और महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया जिससे गांव मे एक वर्ग को भाग कर अपनी जान बचानी पडी। तनाव फैलने की सूचना पर गांव में पुलिस बल के साथ सीओ सदर हिमांशु गौरव और एसडीएम महेश प्रसाद दीक्षित पूरे दल बल के साथ गांव पहुचे स्थिति का जायजा ले कर तनाव को कम करने का प्रयास किया गया। पर गांव में तनाव के हालात हैं प्रशासन के अनुसार स्थिति तनाव पूर्ण पर नियंत्रण में है।दोनो वर्ग के बुजुर्गों की मध्यस्तता से माहौल को ठीक कराने का प्रयास किया जा रहा था कि इसी बीच एक राजनैतिक दल के कुछ नैताओ दुवारा राजनीति कर मामले को पुनः बिगाड़ दिया गया दलित वर्ग से एक तहरीर दिलवाकर 28 लोगों पर बिभिन्न धाराओं में मुकदमा दायर करा दिया गया और इस मामले को खूव राजनैतिक रंग दिया जाने लगा दलित वर्ग की तहरीर पर लिखे मुकदमे के बाद गांव में और भी तनाव का वातावरण निर्मित हो गया है। पुलिस की एक तरफा कार्यवाही से और कुछ नैताओ दुवारा इस प्रकरण को एक राजनीतिक रंग देकर माहौल को पुनः खराब करने की स्थिति निर्मित की जा रही है। गांव के लोगों का कहना है कि यदि सर्वणों पर एस सी एस टी एक्ट में मामला पंजीकृत किया गया है तो पौष्ट करने वाले युवा पर भी आई टी एक्ट के साथ साथ गांव के माहौल को खराब करने, लोगों की भावनाएं भड़काने और उन्हें नीचा दिखाने की सुसंग धाराओं में मामला पंजीकृत करना चाहिए।

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