धर्म के आधार पर न बाँटे

44444444444444दिल्ली, राहुल मालपानी : मीडिया से लेकर न्यूज़ पेपर तक टीआरपी के लिए जाति का नाम व्यक्ति के साथ, हिन्दू मुसलमान शब्दो को उपयोग कर हिंसा को बढ़ावा दे रहे। चाहे मुसलमान आसिफा केस हो, चाहे दलितों के आरक्षण का मुद्दा हो, मीडिया को भी चाहिये की वो हक की बात हद में रहकर करे। कुछ चेंनल सच मे आसिफा के हक की लड़ाई लड़ रहे। कुछ टीआरपी के उठाने में नीचे गिर रहे है और हम लड़ रहे सड़को पर आकर बाहरी देशो से जितना खतरा नही। उतना हमे अपने देश के लोगो से है सही नही है गरीबो की लाशों पर अपना आलीशान मकान बनाना। फिर अपनी गलतियां छुपाकर यह कहना कि जमाना बहुत खराब है। इंसानियत इसी का नाम है कि इंसान को जाति, समाज, वर्ण का भेद किये बिना अपनाना और नाम के पीछे जातियों का लेबल देखकर भेद करना सही नही। लगा दो जाति का लेबल खून की बोतलों पर भी देखते है कितने लोग खून लेने से मना करते है।

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